औरंगाबाद में बेलट्रॉन कर्मियों का प्रदर्शन, सरकारी कर्मचारी का दर्जा मांगा

औरंगाबाद में बेलट्रॉन कर्मचारियों ने सड़क मार्च निकालकर सरकारी कर्मचारी का दर्जा मांगा। 15 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी।

Ghazala Saheb1 November 20262 min read0 viewsBihar
औरंगाबाद में बेलट्रॉन कर्मियों का प्रदर्शन, सरकारी कर्मचारी का दर्जा मांगा

औरंगाबाद में रविवार को बेलट्रॉन के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बिहार राज्य डेटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आयोजित इस सड़क मार्च में डेटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर और स्टेनोग्राफर शामिल हुए। यह प्रदर्शन दानी बीघा से शुरू होकर करमा मोड़ तक निकाला गया, जिसमें जिले के विभिन्न सरकारी विभागों और कार्यालयों में कार्यरत 100 से अधिक कर्मचारी शामिल थे।

तीन दशकों की सेवा, फिर भी भविष्य पर संकट

संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष आलोक कुमार पांडेय और सचिव विजय कुमार सिन्हा ने कर्मचारियों की पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि ये कर्मी लगभग तीन दशकों से सरकारी कार्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी उनका भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी सेवा शर्तों, नौकरी की सुरक्षा और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने अब तक कोई ठोस नीतिगत निर्णय नहीं लिया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला

प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार के पास उन कर्मचारियों को नियमित करने का पूर्ण अधिकार है, जो लंबे समय से सरकारी कार्यालयों में कार्यरत हैं। उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह के अनुभवी स्टाफ के लिए आउटसोर्सिंग व्यवस्था पूरी तरह से अनुचित है और सरकार को इसे तत्काल सुधारना चाहिए।

15 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

कर्मचारियों ने सरकार को सख्त चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे काले बैच लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने इस मामले पर ध्यान नहीं दिया, तो 15 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

उम्र की सीमा और अन्य कर्मियों की मांग

इस विरोध प्रदर्शन में कोषाध्यक्ष रामजी सिंह, सुमित कुमार सिंह, मुकेश कुमार, रेनू कुमारी, रागनी कुमारी, अशोक, आकाश और विनोद कुमार सहित कई अन्य सदस्य शामिल थे। प्रतिभागियों ने जोर देकर कहा कि इन कर्मचारियों ने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा सरकार की सेवा में समर्पित कर दिया है। कई कर्मचारी अब अन्य सरकारी नौकरियों के लिए निर्धारित आयु सीमा को भी पार कर चुके हैं, ऐसे में उनके पास केवल सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त करने का ही विकल्प बचा है।

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