विधान सौधा ब्लास्ट का फर्जी AI वीडियो बनाना पड़ा भारी, बिहार का युवक गिरफ्तार

बेंगलुरु में तकनीक के गलत इस्तेमाल का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कर्नाटक की विधानसभा यानी विधान सौधा में बम धमाके का एक एआई-जनरेटेड (AI-generated) फर्जी वीडियो बनाने के आरोप में पुलिस ने बिहार के एक प्रवासी मजदूर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अली के रूप में हुई है, जिसने सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने की कोशिश की थी।
क्या था पूरा मामला?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब 20 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। इस वीडियो में दिखाया गया था कि विधान सौधा के पास एक जोरदार धमाका होता है और इमारत पूरी तरह से तबाह हो जाती है। वीडियो में एक व्यक्ति ट्रिगर दबाने का इशारा करता है और उसके तुरंत बाद इमारत के फटने का दृश्य दिखाई देता है। यह वीडियो देखकर लोग सहम गए और इसे सच मानकर सोशल मीडिया पर चर्चा करने लगे।
इंस्टाग्राम पर फैलाया गया झूठ
जांच में पता चला कि यह फर्जी वीडियो 'Jnx king Hg' नामक एक इंस्टाग्राम अकाउंट से साझा किया गया था। वीडियो के साथ एक कैप्शन भी लिखा गया था, जिसमें दावा किया गया था कि उसने विधान सौधा को उड़ा दिया है। इस वीडियो के वायरल होते ही लोगों में हड़कंप मच गया और कई यूजर्स ने बेंगलुरु पुलिस को टैग करते हुए इस पर तुरंत कार्रवाई की मांग की।
पुलिस की कार्रवाई और सख्त चेतावनी
बेंगलुरु पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की और स्पष्ट किया कि विधान सौधा में ऐसा कोई विस्फोट नहीं हुआ है। पुलिस ने पुष्टि की कि यह वीडियो पूरी तरह से सिंथेटिक यानी एआई द्वारा निर्मित है। पुलिस ने आरोपी अली के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट को भी निष्क्रिय कर दिया गया है।
पुलिस अब इस बात की गहनता से पूछताछ कर रही है कि आरोपी का असली मकसद क्या था और उसने इस तरह का खतरनाक वीडियो क्यों बनाया। अधिकारियों ने जनता को चेतावनी दी है कि एआई (AI) का उपयोग करके इस तरह की डराने वाली या भ्रामक सामग्री बनाना एक गंभीर अपराध है, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हो सकती हैं।