बेनीपुर-मनीगाछी सड़क की 12वीं बार जांच, निर्माण एजेंसी भड़की
दरभंगा में बेनीपुर-मनीगाछी सड़क की गुणवत्ता की 12वीं बार जांच की गई। निर्माण एजेंसी ने बार-बार होने वाली जांच पर जताई कड़ी नाराजगी।

दरभंगा जिले में बेनीपुर से मनीगाछी प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क एक बार फिर चर्चा में है। शनिवार को केंद्रीय गुणवत्ता एजेंसी के अधिकारियों ने इस 18.64 किलोमीटर लंबी सड़क की गुणवत्ता की जांच की। निर्माण एजेंसी का दावा है कि यह इस सड़क की 12वीं बार होने वाली जांच है, जिससे काम में तेजी आने के बजाय विवाद बढ़ रहा है।
जांच के लिए लिए गए नमूने, दिल्ली लैब में होगी परख
केंद्रीय गुणवत्ता एजेंसी के अधिकारी जगदीश गर्ग ने शनिवार को सड़क का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सड़क की खुदाई कर उसकी मोटाई मापी गई और निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री के नमूने भी लिए गए। इन नमूनों को गहन जांच के लिए दिल्ली स्थित प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
जांच अधिकारी ने कहा कि सड़क की वास्तविक गुणवत्ता प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। वहीं, आरडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता सुनील कुमार प्रसाद ने शुरुआती तौर पर निर्माण कार्य को संतोषजनक बताया है।
शिकायतें और लंबित कार्य का विवरण
सड़क के निर्माण को लेकर स्थानीय स्तर पर कई शिकायतें सामने आई हैं। लोगों का आरोप है कि सड़क पर गिट्टी उखड़ रही है और ढलाई वाले हिस्से में काफी खुरदरापन है। मिथिला संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष डॉ. राम मोहन झा ने भी राज्य और केंद्रीय एजेंसियों से इस मामले में जांच की मांग की थी।
वर्तमान में सड़क के कुछ हिस्सों का निर्माण कार्य लंबित बताया जा रहा है:
- सझुआर: 760 मीटर
- बाजितपुर: 540 मीटर
- भंडारिसम: 2200 मीटर
बार-बार जांच से निर्माण एजेंसी में भारी नाराजगी
सड़क निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसी के प्रोपराइटर सुमन कुमार झा ने इस बार-बार होने वाली जांच पर सख्त आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह 12वीं बार है जब सड़क की जांच की जा रही है, जबकि पिछली 11 बार की जांच में काम को संतोषजनक पाया गया था।
"बार-बार जांच करना हमें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसा है। यदि भविष्य में भी इस तरह की बेवजह कार्रवाई की गई, तो हम विभाग के विरुद्ध मुकदमा करेंगे।" - सुमन कुमार झा, निर्माण एजेंसी के प्रोपराइटर
एजेंसी का यह भी दावा है कि जिन हिस्सों को लंबित बताया जा रहा है, उनमें से कुछ का काम पहले ही आरईओ बेनीपुर द्वारा कराया जा चुका है, जबकि शेष 15.64 किलोमीटर सड़क उनकी एजेंसी ने बनाई है।
परियोजना की लागत और समय सीमा
करीब 23.92 करोड़ रुपये की लागत वाली इस सड़क का निर्माण कार्य जुलाई 2024 में शुरू हुआ था। इस परियोजना को जनवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अब सभी की नजरें दिल्ली लैब की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सकेगा कि सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप हुआ है या नहीं।