6 महीने से मानदेय नहीं: बेतिया में आवास सहायकों का फूटा गुस्सा

बेतिया के नौतन में आवास सहायकों को 6 महीने से मानदेय नहीं मिला है। दीपावली और छठ से पहले भुखमरी की स्थिति से परेशान कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।

Ghazala Saheb2 November 20262 min read0 viewsBihar
6 महीने से मानदेय नहीं: बेतिया में आवास सहायकों का फूटा गुस्सा

बेतिया के नौतन प्रखंड मुख्यालय में कार्यरत आवास सहायकों का मानदेय पिछले छह महीने से नहीं मिला है, जिससे उनके सामने अब भुखमरी जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे इन कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया और काम के दौरान काली पट्टी बांधकर अपना रोष प्रकट किया।

त्योहारों की खुशियां छीन रही आर्थिक तंगी

आवास सहायकों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि पिछले छह महीनों से वेतन न मिलने के कारण उनके परिवारों का गुजारा करना अत्यंत कठिन हो गया है। दीपावली और छठ पूजा जैसे बड़े त्योहारों के इस समय में, जब घरों में खुशियों का माहौल होना चाहिए, इन कर्मियों के लिए बच्चों की स्कूल फीस भरना और घर का दैनिक खर्च चलाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।

कर्मियों का कहना है कि आर्थिक संकट के कारण वे इस बार अपने बच्चों और परिवार के लिए नए कपड़े या अन्य जरूरी सामानों की खरीदारी भी नहीं कर पा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए उनकी इस वर्ष की दीपावली और छठ काफी फीकी रहने की आशंका है।

काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, बीडीओ को सौंपा ज्ञापन

अपनी नाराजगी और सरकार के प्रति विरोध जताने के लिए कर्मियों ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। इस विरोध प्रदर्शन में आवास पर्यवेक्षक मनोज कुमार, सहायक संगीता कुमारी, दिनेश चौरसिया, अनुज कुमार, मुन्ना कुमार पांडेय, नवीन कुमार चौबे, मनीष कुमार, संतोष कुमार, शनि कुमार, अमरेश कुमार, मुकेश कुमार, रविरंजन कुमार और मोहम्मद इरफान सहित कई अन्य कर्मी शामिल थे।

"विगत छह महीने से हमलोगों को मानदेय भुगतान नहीं हुआ है। इसके कारण हमारे बच्चों की पढ़ाई की फीस के साथ-साथ घर के खर्चों को चलाना मुश्किल हो गया है।"

मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर कर्मियों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) गिरधारी लाल को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस मामले पर बीडीओ ने कहा कि आवास कर्मियों की समस्या को समझा जा रहा है और इस संबंध में वरीय अधिकारियों से संवाद किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कोशिश की जा रही है कि त्योहारों से पहले उनका बकाया भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।

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