भागलपुर: जदयू दिग्गजों पर टिप्पणी से भड़के जिलाध्यक्ष, छोटू सिंह को दी चुनौती
भागलपुर में जदयू नेताओं पर की गई बयानबाजी की जिलाध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता ने निंदा की और छोटू सिंह को पंचायत चुनाव लड़ने की चुनौती दी।

भागलपुर में जदयू नेताओं पर टिप्पणी करने और उनके खिलाफ अनर्गल बयानबाजी करने के मामले में पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। जदयू के जिलाध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के विरुद्ध की गई बयानबाजी की कड़ी निंदा की।
वरिष्ठ नेताओं को बनाया गया निशाना
जिलाध्यक्ष ने कहा कि जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, वरिष्ठ मंत्री श्रवण कुमार और विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उप नेता ललन सर्राफ जैसे सम्मानित पदों पर आसीन नेताओं के खिलाफ आरोप लगाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस तथ्य और प्रमाण के इस तरह के आरोप लगाना केवल राजनीतिक हताशा और नकारात्मक राजनीति का ही परिणाम है।
पंचायत चुनाव लड़ने की खुली चुनौती
बयानबाजी करने वाले छोटू सिंह पर सीधा हमला बोलते हुए विवेकानंद गुप्ता ने कहा कि राजनीति किसी की निजी जागीर नहीं है। उन्होंने उन्हें एक बड़ी चुनौती देते हुए कहा:
"यदि उनमें राजनीतिक साहस है, तो वे एक बार पंचायत चुनाव लड़कर जनता के बीच अपनी लोकप्रियता और जनाधार साबित करके दिखाएं।"
लोकतांत्रिक मर्यादा का उल्लंघन
इस दौरान जदयू के जिला प्रवक्ता शैलेंद्र तोमर ने भी इस बयानबाजी पर गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं पर इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाना छोटू सिंह की संकीर्ण सोच और सामंतवादी मानसिकता को दर्शाता है।
प्रवक्ता ने नसीहत देते हुए निम्नलिखित बातें स्पष्ट कीं:
- विरोध करना हर किसी का लोकतांत्रिक अधिकार है।
- विरोध हमेशा लोकतांत्रिक मर्यादा के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए।
- राजनीतिक शिष्टाचार का पालन करना अनिवार्य है।