'जमानत भी गंवा दें तो कोई बात नहीं': राहुल गांधी की रैली पर भगवंत मान का तंज
पंजाब के सीएम भगवंत मान ने राहुल गांधी की संगरूर रैली से पहले कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस की चुनावी हार की भविष्यवाणी की है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी की आगामी संगरूर रैली को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर जोरदार हमला बोला है। 4 नवंबर को होने वाली इस रैली से पहले मान ने भविष्यवाणी की है कि विपक्षी दल को इस क्षेत्र में भारी चुनावी हार का सामना करना पड़ेगा।
'जमानत गंवा दें तो भी कोई बात नहीं'
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भगवंत मान ने कांग्रेस के पिछले चुनावी प्रदर्शनों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं का यहाँ आना कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने कहा, "उन्हें आने का पूरा अधिकार है, उन्हें आने दें। इससे पहले जब मैंने सांसद चुनाव लड़ा था, तब सोनिया गांधी बरनाला आई थीं। लेकिन नतीजा क्या रहा? उनके उम्मीदवार ने अपनी जमानत तक नहीं बचाई। इससे पहले राहुल गांधी भी यहाँ आए थे और उस समय भी सिंगला ने अपनी जमानत गंवा दी थी। उन्हें यहाँ आकर फिर से अपनी जमानत गंवा देने दें, इसमें कोई बड़ी बात नहीं है।"
कांग्रेस की एकता पर चुटकी
कांग्रेस के भीतर की एकजुटता पर तंज कसते हुए मान ने एक मजाकिया टिप्पणी भी की। उन्होंने हाल ही में कांग्रेस नेताओं के एक दृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी में तालमेल की स्थिति यह है कि प्रताप बाजवा की गोद में परगट सिंह को बैठना पड़ा। उन्होंने कहा, "मैंने कांग्रेस की एकता देखी है। सचिन पायलट गाड़ी चला रहे थे और केसी वेणुगोपाल आगे की सीट पर थे। परगट सिंह के लिए सीट तक नहीं बची थी, इसलिए उन्हें प्रताप बाजवा की गोद में बैठना पड़ा। इससे साफ पता चलता है कि उन्होंने अभी तक गोल करना तो दूर, पास लेना भी नहीं सीखा है।"
मान ने राहुल गांधी के दौरे पर कटाक्ष करते हुए यहाँ तक कह दिया कि "अगर वे ट्रंप को भी साथ ले आएं, तो भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा।"
राजनीतिक अनुमति और भारत-पाक संबंध
रैली के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि राहुल गांधी की ओर से कोई औपचारिक निमंत्रण मिलता है, तो पंजाब सरकार गुरु नानक देव जी के आगामी गुरपुरब को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार से आवश्यक राजनीतिक अनुमति के लिए आवेदन करेगी। उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी भी वहां जत्था ले जाती है।
इसके साथ ही, भगवंत मान ने भारत-पाकिस्तान संबंधों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने अपने पारिवारिक इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नाना-नानी और ससुराल पक्ष के लोग पाकिस्तान से आए थे। उन्होंने कहा, "उस देश से कई यादें जुड़ी हुई हैं। दोनों देशों के लोग शांति और सद्भाव चाहते हैं। अतीत में समझौता एक्सप्रेस और दिल्ली से लाहौर तक बस सेवा चलती थी; दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार होना चाहिए।"