पंजाब विधानसभा में झड़प: भगवंत मान का कांग्रेस पर हमला, बोले- 'कोई मुद्दा नहीं है'

पंजाब विधानसभा में झड़प के बाद भगवंत मान ने कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास जनता के लिए कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है।

Ghazala Saheb27 October 20262 min read0 viewsBihar
पंजाब विधानसभा में झड़प: भगवंत मान का कांग्रेस पर हमला, बोले- 'कोई मुद्दा नहीं है'

पंजाब की राजनीति में उस वक्त भारी हंगामा देखने को मिला जब विधानसभा परिसर में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्ष की कांग्रेस पार्टी के विधायकों के बीच तीखी झड़प हो गई। इस हंगामे के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके पास जनता के लिए कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है और वे केवल व्यवधान पैदा करने के लिए शोर मचाते हैं।

भगवंत मान का कांग्रेस पर तीखा पलटवार

मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस के व्यवहार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, "कांग्रेस का काम ही यही है—हंगामा करना और वॉकआउट कर लेना। वे सत्र बुलाने की मांग तो करते हैं, लेकिन जब सत्र बुलाया जाता है, तो वे या तो आते नहीं हैं या फिर सदन में बैठने से इनकार कर देते हैं। सच तो यह है कि कांग्रेस के पास उठाने के लिए कोई वास्तविक मुद्दे ही नहीं हैं।"

विधानसभा में भिड़े विधायक, हुआ भारी हंगामा

घटनाक्रम के दौरान विधानसभा परिसर में तनाव काफी बढ़ गया। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखपाल सिंह खैरा, प्रताप सिंह बजवा और परगट सिंह जैसे विधायकों को विधानसभा में प्रवेश करने से रोका गया। इस दौरान AAP विधायक जसवीर सिंह राजा गिल और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बजवा भी शामिल थे, के बीच तीखी बहस और झड़प हुई।

AAP नेता और पंजाब के मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कांग्रेस के इस व्यवहार को राजनीतिक व्यवधान करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक जानबूझकर सरकार के मंत्रियों को मीडिया से बात करने से रोक रहे हैं ताकि राजनीतिक शोर मचाया जा सके।

'क्या यह काबुल है?' - बजवा का कड़ा सवाल

कांग्रेस विधायकों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने के बाद विपक्ष ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बजवा ने इस घटना को पंजाब के इतिहास में अभूतपूर्व बताया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

"पंजाब के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी निर्वाचित प्रतिनिधि को विधानसभा में प्रवेश करने से रोका जाए। मैंने स्पीकर से पूछा कि क्या यह पंजाब की विधानसभा है या काबुल? क्या यहाँ तालिबान का शासन है या भारत का संविधान लागू होता है? लेकिन स्पीकर ने कोई जवाब नहीं दिया।"

बजवा ने यह भी आरोप लगाया कि जिस नोटिस के आधार पर प्रवेश रोका गया, उस पर स्पीकर के हस्ताक्षर तक नहीं थे।

झाड़ू जलाकर जताया विरोध

विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों ने सरकार की विफलताओं के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। काले कपड़ों में प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेताओं ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के चुनाव चिह्न 'झाड़ू' को जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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