BIRC 2026 चावल सम्मेलन: निर्यात को मिलेगी रफ्तार, 24 हजार का जमावड़ा
नई दिल्ली में BIRC 2026 चावल सम्मेलन का सफल समापन हुआ। 24,000 से अधिक लोगों ने वैश्विक चावल व्यापार और नई तकनीकों पर चर्चा की।

नई दिल्ली में आयोजित BIRC 2026 चावल सम्मेलन का शानदार समापन हुआ। दो दिनों तक चले इस महाकुंभ में 24,387 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिससे वैश्विक चावल व्यापार में भारत की स्थिति मजबूत होने के संकेत मिले हैं।
वैश्विक बाजार और व्यापारिक रणनीतियों पर मंथन
भारतीय चावल निर्यातक संघ (IREF) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत के चावल निर्यात को विस्तार देना और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में देश की पकड़ मजबूत करना था। इस दौरान कई महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते और बी2बी (B2B) बैठकें भी हुईं। सम्मेलन में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान जैसे दिग्गजों ने शिरकत की।
सम्मेलन के पहले दिन वैश्विक स्तर पर चावल की मांग और आपूर्ति पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने अफ्रीका, खाड़ी देशों, यूरोप और एशिया जैसे उभरते बाजारों में भारतीय चावल के लिए अवसरों को तलाशा। साथ ही, शिपिंग चुनौतियों, वित्तीय जोखिम प्रबंधन और भू-राजनीतिक स्थितियों का व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी विचार-विमर्श किया गया।
तकनीक और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
दूसरे दिन का मुख्य फोकस गुणवत्ता प्रमाणन और टिकाऊ खेती (Sustainability) पर रहा। चावल मिलिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन के उपयोग, जल संरक्षण और कार्बन क्रेडिट जैसे आधुनिक विषयों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय मानकों को बनाए रखने के लिए कीटनाशक अवशेष प्रबंधन और उत्पाद की ट्रेसबिलिटी (Traceability) बेहद जरूरी है, ताकि निर्यात में रिजेक्शन की दर कम हो सके।
सेलिब्रिटी का जमावड़ा और भविष्य की योजना
इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ-साथ मनोरंजन जगत की हस्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अभिनेता सोनू सूद और अभिनेत्री मौनी रॉय ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में एक भव्य पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया, जहाँ उद्योग के योगदानकर्ताओं को सम्मानित किया गया। IREF ने उत्साह बढ़ाते हुए BIRC 2027 की घोषणा भी कर दी है, जिसे और भी भव्य रूप में आयोजित करने का वादा किया गया है।