भोपाल: सफाई कर्मियों की हड़ताल से कचरे के ढेर में तब्दील हुआ न्यू मार्केट

भोपाल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण न्यू मार्केट में कचरे के ढेर लग गए हैं। दिवाली से पहले व्यापारियों और ग्राहकों को हो रही है भारी परेशानी।

Ghazala Saheb5 November 20262 min read0 viewsBihar
भोपाल: सफाई कर्मियों की हड़ताल से कचरे के ढेर में तब्दील हुआ न्यू मार्केट

दिवाली के त्योहार से ठीक पहले भोपाल के सबसे व्यस्त और प्रमुख शॉपिंग डेस्टिनेशन, न्यू मार्केट में उत्सव की चमक की जगह गंदगी का साम्राज्य फैल गया है। पिछले दो दिनों से शहर के सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जिसके कारण पूरे इलाके में कचरे के ढेर लग गए हैं। इस स्थिति ने न केवल व्यापारियों बल्कि त्योहार की खरीदारी करने आए ग्राहकों की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

दिवाली की खुशियों के बीच गंदगी का साया

त्योहारों के सीजन में जब बाजारों में रौनक बढ़नी चाहिए, तब भोपाल के इस प्रमुख बाजार में कचरा उठाने वाली गाड़ियां सड़कों से गायब हैं। सड़कों के किनारे और दुकानों के सामने कचरे के अंबार लगे हुए हैं, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। ग्राहकों का कहना है कि इतने बड़े शॉपिंग हब में इस तरह की गंदगी देखना बेहद अप्रिय और निराशाजनक है।

क्यों हड़ताल पर हैं सफाई कर्मचारी?

सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। हड़ताल का मुख्य कारण वेतन में वृद्धि और नौकरी के नियमितीकरण की मांग है। कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को विस्तार से साझा किया है:

  • नियमितीकरण का मुद्दा: कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें दो साल के बाद नियमित करने का वादा किया गया था, लेकिन पिछले 10 वर्षों से वे इसी इंतजार में हैं।
  • कम वेतन: वर्तमान में दिहाड़ी मजदूरों को मात्र 10,900 रुपये मिलते हैं, जो एक परिवार का भरण-पोषण करने के लिए बेहद कम है। उनकी मांग है कि वेतन बढ़ाकर 25,000 रुपये किया जाए।
  • छुट्टी और स्वास्थ्य सुविधाएं: कर्मचारियों ने बेहतर चिकित्सा सुविधा और साप्ताहिक अवकाश की भी मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी छुट्टी के महीने में पूरे 30 दिन काम करना पड़ता है।
"हम सफाई कर्मचारी हैं और शहर में गंदगी की स्थिति देख रहे हैं। भोपाल नगर निगम के सभी कर्मचारी पिछले दो दिनों से हड़ताल पर हैं, लेकिन हमारी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। दिवाली करीब है, लेकिन 10,000 रुपये के वेतन में घर का काम करना भी मुश्किल है।" — एक सफाई कर्मचारी

व्यापारियों और ग्राहकों में भारी नाराजगी

बाजार की इस बदहाली से स्थानीय व्यापारियों का काम भी प्रभावित हो रहा है। व्यापारी नजार खान ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सफाई कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण बाजार की पहचान ही खोती जा रही है। उन्होंने कहा, "पहले दिवाली पर यह बाजार बहुत खूबसूरती से सजा होता था, लेकिन इस साल यह कचरा बाजार जैसा लग रहा है।"

वहीं, बाजार में खरीदारी करने आए ग्राहकों ने भी इस स्थिति पर नाराजगी जताई। ग्राहकों का कहना है कि न्यू मार्केट जैसे प्रमुख स्थान पर चारों तरफ प्लास्टिक और कचरा फैला होना बहुत ही बुरा अनुभव है। फिलहाल, सफाई कर्मचारियों की यह हड़ताल जारी है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे काम पर लौटने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।

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