बिहार में 70,000 करोड़ रुपये का मरीन ड्राइव विस्तार प्रोजेक्ट घोषित

Ghazala Saheb24 August 20262 min read84 viewsBihar
बिहार में 70,000 करोड़ रुपये का मरीन ड्राइव विस्तार प्रोजेक्ट घोषित

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंगा नदी के किनारे 126 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव के निर्माण के लिए 70,000 करोड़ रुपये की इंफ्रास्ट्रक्चर योजना का ऐलान किया है। यह घोषणा 23 अगस्त 2026 को की गई। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।

प्रोजेक्ट का दायरा और उद्देश्य

यह प्रस्तावित विकास जेपी गंगा पथ की नींव पर तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत वर्तमान नेटवर्क को बढ़ाकर 126 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनाया जाएगा, जो सोन नदी पर कोइलवार तक पहुंचेगा। इसके प्रमुख उद्देश्यों में नदी के किनारे बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास, निजी निवेश को आकर्षित करना, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और औद्योगिक कॉरिडोर्स को शहरी विस्तार क्षेत्रों के साथ जोड़ना शामिल है। युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग ने पटना के ज्ञान भवन में आयोजित रोजगार मेले के दौरान इन लक्ष्यों को रेखांकित किया।

वित्तीय ढांचा और निवेश वितरण

126 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के लिए फंडिंग पब्लिक-PRIVATE पार्टनरशिप मॉडल के तहत की जाएगी। कुल लागत का बंटवारा राज्य सरकार के बजट और निजी क्षेत्र के योगदान से होगा। बिहार राज्य सरकार का निवेश 20,000 करोड़ रुपये और निजी संस्थाओं का निवेश 50,000 करोड़ रुपये तय किया गया है, जिससे कुल अनुमानित लागत 70,000 करोड़ रुपये होती है।

गंगा इंफ्रास्ट्रक्चर का पिछला इतिहास

नया 126 किलोमीटर का प्रोजेक्ट जेपी गंगा पथ के पहले चरण की सफलता से प्रेरित है। मूल 21 किलोमीटर लंबे जेपी गंगा पथ की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 2013 में की गई थी, जो 2025 में पूरा हुआ। इस शुरुआती 21 किलोमीटर प्रोजेक्ट पर लगभग 6,000 करोड़ रुपये की लागत आई थी।

विकास के अगले कदम

23 अगस्त 2026 को की गई घोषणा के बाद, राज्य सरकार इस विस्तार के लिए योजना और खरीद के चरण शुरू करेगी। आने वाले महीनों में विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट और टेंडर आमंत्रण आने की उम्मीद है ताकि निजी क्षेत्र से निवेश प्रतिबद्धताओं को औपचारिक रूप दिया जा सके।

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