बिहार में एनीमिया के खिलाफ 98 दिनों का महाअभियान शुरू, सदर अस्पताल में 50 गर्भवती महिलाओं की हुई जांच

किशनगंज में एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत बिहार में एनीमिया के खिलाफ 98 दिनों का विशेष अभियान मंगलवार से शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री ने राज्यस्तर पर इस अभियान का शुभारंभ किया और इस दौरान किशनगंज सदर अस्पताल तथा पोठिया सीएचसी में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया।
सदर अस्पताल में जिलाधिकारी नवीन कुमार की मौजूदगी में 50 गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच की गई और उन्हें पोषण, आयरन-फोलिक एसिड तथा नियमित स्वास्थ्य जांच की पूरी जानकारी दी गई। यह अभियान 25 अगस्त से 30 नवंबर तक चलेगा और इसका मुख्य उद्देश्य एनीमिया की समय पर पहचान, उपचार और नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करना है।
इस अभियान के तहत कम वजन के नवजात, 4 से 59 माह के बच्चे, 5 से 9 वर्ष के बच्चे, 10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियां, 20 से 49 वर्ष की प्रजनन आयु की महिलाएं, गर्भवती और धात्री माताओं को लक्षित किया गया है। डीएम नवीन कुमार ने कहा कि गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समय पर पहचान बेहद जरूरी है और उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को चिन्हित लाभार्थियों को उपचार से जोड़ने तथा मध्यम व गंभीर मामलों की नियमित निगरानी का निर्देश दिया है।
डीएम नवीन कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि कमजोरी, थकान और चक्कर को सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें तथा समय पर अपनी हीमोग्लोबिन की जांच कराएं। नोडल पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल से लेकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर, वीएचएसएनडी व प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के सत्रों में जांच होगी, जबकि विद्यालयों में आरबीएसके की चलंत चिकित्सा टीम बच्चों व किशोर-किशोरियों की जांच करेगी।
डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर से जांच के बाद जरूरत के अनुसार आयरन-फोलिक एसिड, उपचार और परामर्श दिया जाएगा। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने जानकारी दी कि अभियान में आयरन-फोलिक एसिड अनुपूरण, कृमि प्रबंधन, पोषण जागरूकता, जांच, फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने और चिकित्सीय प्रबंधन पर विशेष जोर रहेगा तथा गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा।
डीपीएम डॉ. मुनाजिम ने बताया कि इस पूरे अभियान की डिजिटल निगरानी एनीमिया मुक्त भारत पोर्टल और टी4 के माध्यम से की जाएगी।