बिहार में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हड़ताल से 50 हजार करोड़ का कारोबार होगा प्रभावित

बिहार सहित देशभर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक 11 सितम्बर को अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल पर जा रहे हैं। बैंक प्रबंधन, वित्त मंत्रालय और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच वार्ता विफल होने के बाद यह ऐलान हुआ है। इस बंदी से बिहार में करीब 50 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय कारोबार के प्रभावित होने का अनुमान है।
देशभर के करीब आठ लाख बैंक अधिकारी और कर्मचारी इस हड़ताल में हिस्सा लेंगे। 28 से 30 सितम्बर तक दोबारा राष्ट्रव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है। अक्टूबर के अंत से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था और लंबे समय से लंबित पेंशन अपडेशन शामिल हैं। आईडीबीआई बैंक के विदेशीकरण पर तत्काल रोक की मांग भी की गई है।
इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की उम्मीद है। एटीएम में नकदी की कमी हो सकती है। बिहार की करीब 7,760 बैंक शाखाओं के कामकाज पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।