खड़गे का विवादित बयान: पटना में भाजपा का जोरदार विरोध मार्च
पीएम मोदी के परिवार पर मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित आपत्तिजनक बयान के खिलाफ पटना में भाजपा का विरोध मार्च। संजय सरावगी और मनोज तिवारी ने साधा निशाना।

पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खड़गे का विवादित बयान को लेकर बिहार में राजनीतिक बवाल मच गया है। सोमवार को भाजपा पटना महानगर इकाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार के खिलाफ कथित तौर पर की गई टिप्पणी के विरोध में एक बड़ा विरोध मार्च निकाला।
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती समारोह के दौरान शुरू हुआ। कार्यक्रम के दौरान जब भीड़ में से किसी व्यक्ति ने प्रधानमंत्री मोदी के बारे में कुछ कहा, तो मंच पर मौजूद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कथित तौर पर पलटवार करते हुए कहा, "मोदी का बाप भी जाएगा"। इस बयान के सामने आते ही वहां हंगामा खड़ा हो गया और भाजपा ने इसे बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित करार दिया।
भाजपा नेताओं का तीखा हमला
भाजपा के नेताओं ने इस टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस अब प्रधानमंत्री के दिवंगत माता-पिता पर भी हमला करने लगी है। उन्होंने कहा:
"प्रधानमंत्री की दिवंगत माता और पिता के बारे में बार-बार अभद्र और नीच भाषा का उपयोग करना कांग्रेस पार्टी की वैचारिक दिवालियापन और हताशा को दर्शाता है। जनता ऐसी अपमानजनक बयानबाजी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।"
वहीं, भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भी इस पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि बिहार की संस्कृति और मूल्यों का सम्मान करना जरूरी है और प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का अपमान करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं।
कांग्रेस का पलटवार: "जवाब उसी भाषा में मिलेगा"
दूसरी ओर, कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मल्लिकार्जुन खड़गे का बचाव करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं ने पहले ही राजनीतिक चर्चा का स्तर गिरा दिया है।
मसूद ने अपने बचाव में निम्नलिखित बातें कहीं:
- भाजपा नेता अक्सर राहुल गांधी, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं।
- भाजपा नेताओं को लगता है कि उन्हें कुछ भी कहने की खुली छूट है, लेकिन अब उन्हें जवाब दिया जाएगा।
- उन्होंने तर्क दिया कि यदि भाजपा नेता हमला करते हैं, तो उन्हें उसी भाषा में जवाब मिलना चाहिए।