बिहार कैबिनेट के 17 प्रस्तावों पर मुहर, गयाजी कॉरिडोर के लिए 2520 करोड़ मंजूर

बिहार कैबिनेट की बैठक में 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इसमें गयाजी कॉरिडोर के निर्माण और ईंट-भट्ठा कारोबारियों के लिए राहत की योजना शामिल हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार शाम हुई बैठक में स्वास्थ्य, कृषि, खनन, पर्यटन, विमानन, बाढ़ सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े फैसले लिए गए।
गयाजी कॉरिडोर और सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना
मंत्रिपरिषद ने गयाजी के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने के लिए 2520 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके साथ ही सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए 996 करोड़ पांच लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। दोनों योजनाओं के लिए कुल 3516 करोड़ पांच लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग और अन्य नियुक्तियां
स्वास्थ्य विभाग के अधीन पांच राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के 366 रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक संविदा के आधार पर नियोजन की स्वीकृति दी गई है। इन महाविद्यालयों में बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा-सारण और समस्तीपुर के चिकित्सा महाविद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में पैरावेट स्कूल की स्थापना के लिए छह पदों के सृजन और 45 लाख 98 हजार 832 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
ईंट-भट्ठा कारोबारियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना
मंत्रिपरिषद ने ईंट-भट्ठा मालिकों को राहत देते हुए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 तक बकाया रखने वाले ईंट-भट्ठा संचालकों को ब्याज की राशि छोड़कर मूल बकाया जमा करने का अवसर मिलेगा। इस योजना की अवधि तीन माह होगी।
अन्य प्रमुख फैसले
राज्य सरकार ने बिहार आकस्मिकता निधि से एक हजार करोड़ रुपये की निकासी को मंजूरी दी है जिसका उपयोग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों में किया जाएगा। साथ ही, जेलों के आसपास खाली जमीन पर पेट्रोल पंप खोलने की योजना के तहत पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, बक्सर और भागलपुर की जेलों के पास पेट्रोल पंप संचालित किए जाएंगे। केंद्रीय क्षेत्र की मखाना विकास योजना के लिए 89 करोड़ 79 लाख 68 हजार 400 रुपये की स्वीकृति दी गई है।