बिहार के बाल गृहों में अब पढ़ाई का नया दौर, खुलेंगे 62 NIOS केंद्र

Ghazala Saheb16 October 20262 min read0 viewsBihar
बिहार के बाल गृहों में अब पढ़ाई का नया दौर, खुलेंगे 62 NIOS केंद्र

बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग ने राज्य के बाल देखरेख संस्थानों में रहने वाले बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए एक बड़ी पहल की है। अब इन संस्थानों में रहने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) के अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के माध्यम से उन बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो विभिन्न कारणों से नियमित स्कूली शिक्षा से वंचित रह गए हैं।

62 केंद्रों को मिली मंजूरी

इस महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत वर्तमान में कुल 62 केंद्रों के लिए अनुमति प्रदान की गई है। ये केंद्र विभिन्न प्रकार के संस्थानों में स्थापित किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • बाल गृह
  • बालिका गृह
  • पर्यवेक्षण गृह
  • विशेष गृह
  • सुरक्षित स्थान

इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संस्थानों में आवासित बच्चों का शैक्षणिक नामांकन सुनिश्चित हो और उन्हें उनकी आवश्यकता के अनुसार अध्ययन सामग्री प्राप्त हो सके।

शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने का सुनहरा मौका

अक्सर देखा जाता है कि कठिन परिस्थितियों के कारण बच्चों की पढ़ाई बीच में ही बाधित हो जाती है। NIOS के एक्रिडिएशन सेन्टर (अध्ययन केंद्र) की स्थापना से इन बच्चों को मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के तहत पढ़ने का अवसर मिलेगा।

इस व्यवस्था के माध्यम से बच्चे:

  1. निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
  2. नियमित अंतराल पर होने वाली परीक्षाओं में सम्मिलित हो सकेंगे।
  3. अपनी आयु और शैक्षणिक स्तर के अनुरूप शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की ओर कदम

समाज कल्याण विभाग की इस पहल का लक्ष्य केवल साक्षरता प्रदान करना नहीं है, बल्कि बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना भी है। जब इन बच्चों के पास उचित शैक्षणिक योग्यता होगी, तो उनके लिए भविष्य में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाल देखरेख संस्थानों में रहने वाला कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे और प्रत्येक बच्चे को अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का समान अवसर प्राप्त हो सके।

Share:

Comments

Leave a comment