बिहार में बड़ी राहत: 1 करोड़ पेंशनधारियों को मिले 1237 करोड़ रुपये

Ghazala Saheb10 October 20262 min read0 viewsBihar
बिहार में बड़ी राहत: 1 करोड़ पेंशनधारियों को मिले 1237 करोड़ रुपये

बिहार के करोड़ों लाभार्थियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं के कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सामाजिक सुरक्षा पेंशन की भारी-भरकम राशि का हस्तांतरण किया है।

डीबीटी के माध्यम से करोड़ों का सीधा लाभ

मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 1 करोड़ 08 लाख 36 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खातों में राशि भेजी। डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए प्रति व्यक्ति 1100 रुपये की दर से कुल 1237 करोड़ 48 लाख रुपये का हस्तांतरण किया गया है।

"हमारी सरकार गरीब, बुजुर्ग, दिव्यांगजन और विधवा महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का पूरा ख्याल रखती है।" - सम्राट चौधरी

हर महीने की 10 तारीख को मिलेगी पेंशन

पेंशनधारियों को अब राशि के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी पात्र लाभार्थियों के खातों में प्रत्येक महीने की 10 तारीख को पेंशन की राशि पहुंच जाए। इस व्यवस्था से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि लाभार्थियों को समय पर आर्थिक मदद भी मिल सकेगी।

कोई भी पात्र व्यक्ति न छूटे: मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जिलाधिकारियों (DM) और जनप्रतिनिधियों को कड़े निर्देश दिए ताकि योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि:

  • कोई भी पात्र लाभार्थी सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित नहीं रहना चाहिए।
  • पंचायत विकास दिवस के दौरान विशेष अभियान चलाकर पात्र लोगों की पहचान की जाए।
  • हेल्थ सर्वे के दौरान भी यह सुनिश्चित किया जाए कि योग्य लोगों को पेंशन मिल रही है या नहीं।
  • पेंशन वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह समयबद्ध और पारदर्शी होनी चाहिए।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता और राज्य के कई वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए 'समृद्ध बिहार' का निर्माण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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