बिहार में बाढ़ का खतरा: सीएम सम्राट चौधरी ने गंगा के जलस्तर का किया हवाई सर्वेक्षण

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 5 सितंबर 2026 को गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बेगूसराय, मुंगेर, सुल्तानगंज, भागलपुर और नवगछिया का दौरा किया और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। पटना में टीचर्स डे कार्यक्रम में शामिल होने के बाद, चौधरी दोपहर 12:45 बजे बेगूसराय के IOCL हेलीपैड पहुंचे और दोपहर 2:00 बजे नवगछिया तटबंध हेलीपैड पर उतरे, जहां उन्होंने जमीन पर उतरकर निरीक्षण किया।
बाढ़ समीक्षा बैठक और अधिकारियों को निर्देश
यह निरीक्षण 4 सितंबर 2026 को पटना के 'संकल्प' हॉल में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद किया गया। बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों (DMs) और पुलिस अधीक्षकों (SPs) को अपने-अपने जिलों में लगातार मौजूद रहने के निर्देश दिए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है कि प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों और कम्युनिटी किचनों के जरिए बिना किसी देरी के जरूरी मदद और सामान मिले।
राहत कार्य और बचाव टीमों की तैनाती
संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने 27 राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और 9 राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों को तैनात किया है। इसके अलावा, बचाव और आवाजाही के लिए सरकार की ओर से 693 नावें चलाई जा रही हैं। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन को बक्सर से भागलपुर तक सभी तटबंधों पर चौबीसों घंटे नजर रखने के सख्त आदेश दिए गए हैं, जिसमें पटना की 31 अति संवेदनशील और 181 संवेदनशील जगहों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जहां नदियां रिकॉर्ड बाढ़ के स्तर के करीब हैं।
मौसम का हाल और प्रशासन की निगरानी
बिहार मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले हफ्ते भारी बारिश की कोई उम्मीद नहीं है और सोन नदी के जलस्तर में भी कमी आने की संभावना है। इसके बावजूद, अधिकारी बाढ़ प्रभावित इलाकों में किसी भी तरह के कटाव या तटबंध टूटने के खतरे पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।