अपराधियों पर लगेगा शिकंजा, सीएम सम्राट चौधरी ने दिए सख्त एक्शन के निर्देश

बिहार में कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया है। पटना के लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' ऑडिटोरियम में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अपराधियों की लिस्ट बनेगी, CCA का होगा इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जिला और थाना स्तर पर अपराधियों की विस्तृत सूची तैयार करें। उन्होंने कहा कि आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर लगाम कसने के लिए क्राइम कंट्रोल एक्ट (CCA) के प्रावधानों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए, ताकि उन पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने आपराधिक मामलों की त्वरित और प्रभावी जांच करने तथा दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने के लिए मजबूत अभियोजन (prosecution) सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील इलाकों की पहचान करने और वहां नियमित गश्त, निरंतर निगरानी और पुलिस की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जिला दंगा नियंत्रण इकाइयों के पुनर्गठन और विशेष कार्य बल (STF) के आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर भी बल दिया।
साइबर अपराध और सोशल मीडिया पर पैनी नजर
बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए, सम्राट चौधरी ने सभी जिलों में निगरानी तंत्र को मजबूत करने का आदेश दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने और साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली भ्रामक, आपत्तिजनक या गैरकानूनी सामग्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को निर्देश दिया कि वे सोशल मीडिया से जुड़े संवेदनशील मामलों पर दो घंटे के भीतर प्रतिक्रिया दें, जिसकी निगरानी मुख्यालय स्तर पर की जाएगी।
डायल-112 की कार्यप्रणाली में सुधार
आपातकालीन पुलिस सेवाओं की समीक्षा करते हुए, मुख्यमंत्री ने डायल-112 की प्रतिक्रिया समय (response time) में और सुधार करने को कहा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि बिहार में डायल-112 का औसत रिस्पॉन्स टाइम लगभग 11 मिनट