बिहार में संविदा डॉक्टरों और चिकित्सा शिक्षकों का मानदेय बढ़ा, स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में संविदा पर कार्यरत चिकित्सकों तथा चिकित्सा शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि को स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। बुधवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि बिहार के लोगों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। इसके लिए चिकित्सकों, चिकित्सा शिक्षकों और रेजिडेंट डॉक्टरों को बेहतर कार्यपरिस्थितियां और सम्मानजनक मानदेय उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है।
संशोधित मानदेय की नई दरें
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार ने संविदा पर कार्यरत प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, सीनियर रेजिडेंट, ट्यूटर एवं जूनियर रेजिडेंट के मानदेय में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। संशोधित दरों के अनुसार संविदा प्राध्यापक को ₹2.07 लाख, सह-प्राध्यापक को ₹1.55 लाख, सहायक प्राध्यापक को ₹1.25 लाख, सीनियर रेजिडेंट एवं ट्यूटर को ₹1.15 लाख तथा जूनियर रेजिडेंट को ₹75 हजार प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। यह सभी नई दरें 1 सितंबर 2026 से प्रभावी हैं।
निर्णय का मुख्य उद्देश्य
निशांत कुमार ने कहा कि यह निर्णय केवल मानदेय में वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाना, प्रतिभाशाली डॉक्टरों को बिहार में बनाए रखना और चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर करना है। उन्होंने कहा कि मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए आवश्यक है कि डॉक्टरों एवं चिकित्सा शिक्षकों के अनुभव, विशेषज्ञता और सेवाभाव का सम्मान किया जाए। एनडीए सरकार इसी सोच के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार सुधार और विस्तार की दिशा में काम कर रही है।