नयी सहकारिता नीति के लागू होने से बिहार के सभी वर्गों और क्षेत्रों का होगा संतुलित विकास: मंत्री राम कृपाल यादव

बिहार राज्य सहकारिता नीति, 2026 के क्रियान्वयन और सहकारी समितियों के संचालन के लिए एक प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि नयी सहकारिता नीति के लागू होने से राज्य में सहकारिता आंदोलन को नयी गति मिलेगी। इसके माध्यम से राज्य के सभी वर्गों एवं क्षेत्रों का संतुलित विकास होगा।
कार्यशाला का शुभारंभ
पटना के दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक रजनीश कुमार सिंह और अपर निबंधक विकास कुमार बरियार सहित अन्य अधिकारियों ने दीप जलाकर किया। मंत्री रामकृपाल यादव ने शुक्रवार को इस कार्यशाला को संबोधित किया।
पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर जोर
सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने सहकारी समितियों में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में सहकारिता के जरिए आम लोगों के जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास किया जा रहा है और बिहार में पहली बार राज्य सहकारिता नीति, 2026 लागू की गयी है।
पारदर्शी तरीके से कार्य करने का निर्देश
निबंधक रजनीश कुमार सिंह ने कहा कि नई नीति के तहत समितियों को अधिप्राप्ति से आगे बढ़कर काम करना है। उन्होंने क्षेत्रीय पदाधिकारियों को बिहार सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1935 के नियमों के अनुसार पारदर्शी तरीके से काम करने का निर्देश दिया।
नीति के विभिन्न पहलू
अपर निबंधक विकास कुमार बरियार ने कहा कि यह नीति ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार बढ़ाने और समावेशी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों को जोड़ा जाएगा तथा डेयरी, पर्यटन और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहकारी इकाइयां स्थापित होंगी।