सावधान! बिहार में शिक्षकों को मिला फालतू वेतन, करोड़ों की वसूली शुरू

बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को दिए गए अतिरिक्त वेतन की वसूली तेज कर दी है। कैमूर और भागलपुर में करोड़ों के गलत भुगतान की जांच जारी है।

Ghazala Saheb3 November 20262 min read0 viewsBihar
सावधान! बिहार में शिक्षकों को मिला फालतू वेतन, करोड़ों की वसूली शुरू

बिहार के शिक्षा विभाग ने सरकारी शिक्षकों और कर्मचारियों को दिए गए अतिरिक्त वेतन की वसूली के लिए बड़ा अभियान छेड़ दिया है। विभाग ने विभिन्न जिलों में हुए गलत भुगतान की पहचान कर ली है और अब तेजी से पैसा वापस लेने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है।

कैमूर में प्रमोशन के दौरान हुआ बड़ा भुगतान का मामला

कैमूर जिले में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है, जहां 201 शिक्षकों को अगस्त 2025 में डबल सैलरी मिल गई। यह मामला शिक्षकों के 'विशिष्ट' से 'प्रधान' शिक्षक के रूप में प्रमोशन से जुड़ा है। इस तकनीकी चूक के कारण लगभग 9.3 मिलियन (93 लाख) रुपये का अतिरिक्त भुगतान हो गया।

हालांकि जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्थापना) ने वसूली के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं, लेकिन शुरुआत में इसकी रफ्तार काफी धीमी रही। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब एक जिला स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। वहीं, कुछ शिक्षकों ने एनपीएस (NPS) कटौती को लेकर सवाल उठाए हैं, लेकिन विभाग अब पेरोल रिकॉर्ड के जरिए स्कूल हेडमास्टरों द्वारा दिए गए प्रमाण पत्रों की भी गहन जांच कर रहा है।

भागलपुर और बांका में करोड़ों की वसूली का लक्ष्य

भागलपुर प्रमंडल में भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने भागलपुर और बांका जिलों में अतिरिक्त वेतन निकासी के 43 मामलों की पहचान की है, जिनकी कुल राशि 12.2 मिलियन (1.22 करोड़) रुपये है।

  • कुल पहचान की गई राशि: 12.2 मिलियन रुपये
  • अब तक की वसूली: 6.761 मिलियन रुपये
  • अभी भी बकाया राशि: 5.526 मिलियन रुपये

अगर जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो भागलपुर जिले में 31 मामले हैं जिनमें 10.4 मिलियन रुपये का मामला है, जबकि बांका जिले में 12 मामलों में 1.82 मिलियन रुपये की राशि का मामला सामने आया है।

फर्जी टीचर घोटाला और गिरफ्तारी

भागलपुर में केवल वेतन की गलती ही नहीं, बल्कि एक बड़े घोटाले की भी जांच चल रही है। तनुश्री नाम की एक फर्जी टीचर के माध्यम से लगभग 9.812 मिलियन रुपये के गबन का मामला सामने आया है।

इस मामले में मुख्य आरोपी कॉन्ट्रैक्चुअल ऑपरेटर अविनाश राज को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अधिकारियों ने बैंक खाते से 4.687 मिलियन रुपये फ्रीज कर दिए हैं और बाकी रकम की वसूली के लिए संदिग्ध के परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है।

350 शिक्षकों पर भी जांच की तलवार

जांच का दायरा यहीं नहीं रुकता। भागलपुर में लगभग 350 अन्य शिक्षकों के वेतन स्लैब में लिपिकीय त्रुटियों (clerical errors) की आशंका है, जिसकी विभाग द्वारा जांच की जा रही है।

शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी है कि जिन लोगों को गलती से अतिरिक्त भुगतान हुआ है, वे तुरंत वह राशि वापस कर दें। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

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