बिहार में रोजगार मेला पूरी तरह हवा-हवाई, डॉ. चक्रपाणि हिमांशु ने सरकार से मांगी चयनित युवाओं की सूची

बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. चक्रपाणि हिमांशु ने मुख्यमंत्री के रोजगार दावों को जमीनी हकीकत से दूर और हवा-हवाई करार दिया है। उन्होंने सोमवार को बयान जारी कर पटना जॉब फेयर के आंकड़ों पर सवाल उठाए और सरकार से मांग की है कि चयनित युवाओं की सूची तुरंत सार्वजनिक की जाए।
श्रम संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप
डॉ. हिमांशु ने आरोप लगाया है कि श्रम संसाधन विभाग में भारी लूट मची है और नियमों को ताक पर रखकर श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मॉल, दुकानों और पेट्रोल पंपों पर काम करने वाले श्रमिकों को बैंक खातों के बजाय नकद में बेहद कम वेतन दिया जा रहा है और इस पूरे खेल में विभाग द्वारा मोटी रकम वसूली जा रही है।
ईंट भट्टों पर श्रमिकों की स्थिति और मुख्यमंत्री को नसीहत
ईंट भट्टों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां श्रमिकों से बिना किसी आधिकारिक नियोजन और सुरक्षा के काम कराया जा रहा है और मजदूरों को खातों में वेतन नहीं मिल रहा है। डॉ. हिमांशु ने मुख्यमंत्री को नसीहत दी है कि वे बिना जमीनी जांच के ऐसे बयान देना बंद करें क्योंकि इससे उनकी अज्ञानता उजागर होती है।