बिहार के किसानों के लिए खुशखबरी: 2.48 लाख खातों में आए 112 करोड़ रुपये

Ghazala Saheb14 October 20262 min read0 viewsBihar
बिहार के किसानों के लिए खुशखबरी: 2.48 लाख खातों में आए 112 करोड़ रुपये

बिहार के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने बाढ़ की मार झेल रहे किसानों की आर्थिक मदद के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को 2,48,704 किसानों के बैंक खातों में 112.52 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की है।

पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के ‘संवाद’ कक्ष में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी गई। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सहायता राशि बिना किसी देरी या बिचौलियों के सीधे पात्र किसानों तक पहुंचे।

बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार का कदम

गौरतलब है कि अगस्त के महीने में हुई अत्यधिक बारिश और विभिन्न नदियों के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के कारण बिहार के कई इलाकों में भीषण बाढ़ आई थी। इस प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "संकट के समय किसानों को सहायता पहुंचाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को समय पर आर्थिक राहत देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, ताकि वे बिना किसी आर्थिक तंगी के दोबारा खेती का काम शुरू कर सकें।"

किसानों को कितनी मिलेगी सहायता? जानें अनुदान के नियम

मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत किसानों को उनकी फसल और क्षेत्र के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में सहायता दी जाती है। अनुदान की राशि का विवरण इस प्रकार है:

  • असिंचित क्षेत्र के लिए: 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर
  • सिंचित क्षेत्र के लिए: 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
  • शाश्वत या बहुवर्षीय फसलों के लिए: 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर

इस योजना के तहत कुल 4,57,616 किसानों ने आवेदन किया था, जिनमें से अब तक 2,48,704 किसानों को लाभान्वित किया जा चुका है।

22 अक्टूबर से शुरू होगा विशेष अभियान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सहायता प्रक्रिया में कोई भी कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दशहरा के बाद 22 अक्टूबर से एक विशेष अभियान चलाया जाए। इस अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ से फसल क्षति झेलने वाले सभी पात्र किसान, जो अभी तक वंचित हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द अनुदान मिल सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। बाढ़ के दौरान कृषि और आपदा प्रबंधन विभागों के आपसी समन्वय की भी उन्होंने सराहना की।

Share:

Comments

Leave a comment