बिहार में डिजिटल होगी उर्वरक बिक्री, किसानों को समय पर खाद-बीज देना सरकार की प्राथमिकता

पटना, 30 अगस्त। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने रविवार को कहा कि किसानों को खेती के लिए गुणवत्तायुक्त उर्वरक और बीज समय पर तथा सुगमता से उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उर्वरक बिक्री व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
विजय सिन्हा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कृषि विभाग उर्वरक बिक्री व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। इसी क्रम में ‘खेत बचाओ, गुणवत्तायुक्त बीज और खाद सुलभ कराओ’ विषय पर 31 अगस्त को पटना के मीठापुर स्थित कृषि भवन सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
डिजिटल और फार्मर आईडी व्यवस्था
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विभाग के संबंधित पदाधिकारियों को उर्वरक बिक्री की डिजिटल एवं फार्मर आईडी आधारित व्यवस्था, उर्वरक की उपलब्धता और वितरण प्रणाली तथा किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक एवं बीज की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने से संबंधित जानकारी दी जाएगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही
कृषि मंत्री ने कहा कि खाद की बिक्री व्यवस्था को डिजिटल बनाने का उद्देश्य केवल तकनीकी बदलाव करना नहीं, बल्कि किसान हित में पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को जरूरत के समय आवश्यक कृषि इनपुट आसानी से उपलब्ध हो और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
किसान-केंद्रित कृषि व्यवस्था
उन्होंने कहा कि बिहार के किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर कृषि व्यवस्था को अधिक स्मार्ट, पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनाना सरकार का संकल्प है। उर्वरक बिक्री की डिजिटल व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अभियान का उद्देश्य
विजय सिन्हा ने कहा कि ‘खेत बचाओ, गुणवत्तायुक्त बीज और खाद सुलभ कराओ’ अभियान का उद्देश्य किसानों के खेत को सुरक्षित रखने के साथ उन्हें गुणवत्तायुक्त कृषि इनपुट की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके लिए विभागीय पदाधिकारियों को नई व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।