बिहार में भयंकर बाढ़ का कहर: 12 जिलों के 22 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, 20 की मौत

बिहार इस समय गंभीर बाढ़ संकट से जूझ रहा है जिससे 12 जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। राज्य में 22.42 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती, घाघरा, कर्मनाशा, थोरा, धर्मवती और कंचन सहित प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
नदियों का जलस्तर और स्थिति
बक्सर में गंगा नदी 5 सितंबर 2026 को 60.55 मीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद अब पानी कम होना शुरू हो गया है, हालांकि दियारा क्षेत्र खतरे में हैं। कर्मनाशा नदी खतरे के निशान से 1.84 मीटर ऊपर बह रही है। पटना में दीघा के पास गंगा का जलस्तर 7 सितंबर 2026 को मामूली गिरावट के बाद 51.78 मीटर दर्ज किया गया। 6 सितंबर को गांधी घाट पर जलस्तर ने 2016 के उच्चतम बाढ़ स्तर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भागलपुर में जलस्तर बढ़ रहा है और बाढ़ गोपालपुर, रंगरा और इस्माइलपुर को पार कर ब्लॉक मुख्यालयों में घुस गई है। भागलपुर और मुंगेर के निवासियों का कहना है कि घरों के अंदर 5 से 6 फीट तक पानी पहुंच गया है।
राहत और बचाव कार्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 7 सितंबर 2026 को हवाई सर्वेक्षण किया और वैशाली तथा भागलपुर में सामुदायिक रसोइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छह मृत बाढ़ पीड़ितों के परिजनों को मुआवजे के चेक बांटे। वैशाली में प्रभारी सचिव रचना पाटिल और जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने भोजन, पीने के पानी, स्वास्थ्य सुविधाओं और पशु चारे की निरंतर आपूर्ति के आदेश दिए हैं। जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि झारखंड से रिकॉर्ड पानी आने के कारण दक्षिण बिहार में स्थिति और खराब हो गई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अभियानों को तेज करते हुए सामुदायिक रसोइयों की संख्या 80 से बढ़ाकर 190 कर दी है। राहत कार्यों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 10 टीमें, राज्य आपदा मोचन बल की 27 टीमें और 1,429 नावें शामिल हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान नौ जिलों में भारी बारिश और 13 जिलों में वज्रपात की चेतावनी जारी की है।