बिहार में भीषण बाढ़ से 46.8 लाख लोग प्रभावित, सरकार ने स्टाइपेंड बढ़ाया और ईडी की छापेमारी

बिहार में भारी बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के कारण गंभीर बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इस बाढ़ से 15 जिलों के 88 ब्लॉकों की 561 ग्राम पंचायतों के 46.8 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मजीठिया, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। भागलपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, कटिहार, पूर्णिया और बक्सर सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में हैं। मौसम केंद्र के अनुसार, सितंबर में अब तक 90.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक है।
नदियों का जलस्तर और राहत कार्य
भागलपुर में सुल्तानगंज के पास गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पीड़ितों की मदद के लिए 1,194 सामुदायिक रसोई चल रही हैं और 15 राहत शिविरों में 11,255 लोगों को आवास, भोजन और चिकित्सा देखभाल मिल रही है। भागलपुर जिले के नौगछिया में तटबंध टूटने की दो घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कई गांवों को खतरा पैदा हो गया है।
राजनीतिक बयान और अन्य प्रशासनिक फैसले
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि प्रशासन आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है। वहीं, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की आलोचना की है। बिहार सरकार ने राज्य के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टरों का मासिक स्टाइपेंड बढ़ा दिया है। इसके तहत प्रथम वर्ष के छात्रों को 92,800 रुपये, द्वितीय वर्ष को 1,02,000 रुपये और तृतीय वर्ष के छात्रों को 1,12,200 रुपये मिलेंगे। इसके अलावा, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत बिहार, हरियाणा और दिल्ली में रमानंदी होटल्स एंड रिजॉर्ट लिमिटेड के ठिकानों पर छापेमारी की है।