सावधान! बिहार में मिलावटी हल्दी और लड्डू पर गिरी गाज, 11 केस मंजूर

बिहार के विभिन्न जिलों में खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा अभियान चलाया है। प्रयोगशाला जांच में कई खाद्य नमूनों के असुरक्षित और मानकों के विपरीत पाए जाने के बाद, विभाग ने अब 11 मामलों में कानूनी कार्रवाई यानी अभियोजन की मंजूरी दे दी है।
स्वास्थ्य सचिव सह खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि ने रविवार को जिलों से प्राप्त जांच रिपोर्टों के आधार पर यह कड़ा फैसला लिया है। जांच में सामने आया है कि आम जनता के खाने की चीजों में खतरनाक स्तर की मिलावट की जा रही थी।
हल्दी और लड्डू में मिलावट का बड़ा खुलासा
जांच रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाली बात मसालों और मिठाइयों में मिली मिलावट है। अररिया जिले में हल्दी पाउडर के नमूने में मेटानिल येलो की मौजूदगी पाई गई। इसी तरह, शेखपुरा के एक होटल से लिए गए बेसन लड्डू और जमुई की एक मिठाई की दुकान से लिए गए लड्डू में भी मेटानिल येलो पाया गया, जिसके बाद उन्हें असुरक्षित घोषित कर दिया गया।
मसालों के मामले में भोजपुर की एक दुकान से मिली हल्दी में लेड क्रोमेट पाया गया। वहीं, पटना के दानापुर में एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से लिए गए हल्दी पाउडर में भी लेड क्रोमेट की पुष्टि हुई है, जो सेहत के लिए बेहद हानिकारक है।
सब्जियों, तेल और पनीर में मिलावट
मिलावट का यह जाल केवल मसालों तक सीमित नहीं है, बल्कि दैनिक उपयोग की अन्य चीजों में भी यह पाया गया है:
- पूर्णिया: बनमनखी में भिंडी के नमूनों में बाहरी या अतिरिक्त रंग की मौजूदगी पाई गई।
- सीतामढ़ी: यहाँ खाद्य तेल के नमूने में निर्धारित सीमा से अधिक एसिड वैल्यू और सिंथेटिक रंग पाया गया। इसे मिसब्रांडेड और असुरक्षित घोषित किया गया है।
- खगड़िया: यहाँ पनीर के नमूनों में फॉर्मेलिन और स्टार्च की उपस्थिति मिली, साथ ही इसमें वसा की मात्रा भी मानक से काफी कम थी।
मिठाई और मसालों में अन्य खतरनाक मिलावट
मिलावट का यह मामला बेहद गंभीर है क्योंकि इसमें सजावट के नाम पर भी धोखाधड़ी की गई है। मुजफ्फरपुर में रोल बर्फी के नमूने की जांच में यह बात सामने आई कि इसमें चांदी के वर्क के स्थान पर एल्युमिनियम फॉइल का इस्तेमाल किया जा रहा था।
इसके अलावा, पटना के गुलजारबाग से लिए गए सौंफ के नमूने में फास्ट ग्रीन एफसीएफ पाया गया। अररिया से लिए गए धनिया पाउडर में भी ऑयल सॉ