बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं का कायाकल्प: जिला अस्पतालों में मिलेंगी सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं

पटना में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रवक्ता शम्भू नाथ सिन्हा ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक व्यापक, सुलभ और पारदर्शी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर मिलेगा इलाज, राजधानी के चक्कर से मिलेगी मुक्ति
शम्भू नाथ सिन्हा ने जोर देकर कहा कि सरकार का मुख्य संकल्प यह है कि प्रदेश के नागरिकों को छोटी-बड़ी बीमारियों के इलाज के लिए राजधानी पटना का चक्कर न लगाना पड़े। इसके लिए स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए उठाए गए कदमों के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- रेफरल सिस्टम पर नियंत्रण: जिला अस्पतालों से मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई गई है, जिससे अब जिला अस्पतालों में मरीजों की संख्या और ऑपरेशन की दर में बढ़ोतरी हुई है।
- सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं: जिला अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
- CHC का विकास: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) को स्पेशियलिटी अस्पतालों के रूप में विकसित करने की दिशा में काम चल रहा है।
- उच्चस्तरीय संस्थानों की मदद: जिन मरीजों के ऑपरेशन लंबित हैं, उनके लिए आईजीआईएमएस (IGIMS), एम्स (AIIMS) और मेदांता जैसे बड़े संस्थानों में इलाज कराने की व्यवस्था की जा रही है।
डिजिटल तकनीक और 'भव्या' योजना से होगा मॉनिटरिंग
बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री की पहल पर एक कमांड एवं कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई है, जिससे अस्पतालों और मरीजों की स्थिति की रियल-टाइम जानकारी मिल सके।
इसके साथ ही, ‘भव्या’ (बिहार हेल्थ एप्लीकेशन विविजनरी योजना) के माध्यम से राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों को एकीकृत किया जा रहा है। इस डिजिटल पहल के माध्यम से आधुनिक सॉफ्टवेयर और एआई (AI) आधारित तकनीक का उपयोग करके निम्नलिखित चीजों को ट्रैक किया जा सकेगा:
- अस्पतालों में उपलब्ध बेड की स्थिति।
- डॉक्टरों की उपस्थिति।
- अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग।
मुफ्त दवाओं की संख्या में होगी भारी बढ़ोतरी
गरीब मरीजों के लिए दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी सरकार ने बड़ा लक्ष्य रखा है। वर्तमान में मरीजों को 350 तरह की मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 504 तरह की मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि किसी भी मरीज को आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहना पड़े।