बिहार में आसमानी आफत: भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट, कोसी बराज पर बढ़ा खतरा

बिहार के अधिकांश जिलों में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अगले दो दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। हालांकि, इस बारिश ने उत्तर बिहार के लोगों को गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन साथ ही कई इलाकों में जान-माल का नुकसान भी हुआ है।
इन जिलों में वज्रपात और बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 25 और 26 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। विशेष रूप से राजधानी पटना सहित निम्नलिखित जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है:
- पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण
- गोपालगंज, सीवान और सारण
- बक्सर, भोजपुर, कैमूर और रोहतास
- अरवल, औरंगाबाद और जहानाबाद
- नालंदा, गया और नवादा
- शेखपुरा, लखीसराय और बेगूसराय
पूर्णिया के लिए स्थिति अधिक गंभीर है, जहां आगामी तीन दिनों तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे मौसम की गतिविधियों को देखते हुए ही अपनी दिनचर्या तय करें और सतर्क रहें।
कुदरत का कहर: कहीं गिरी दीवार, तो कहीं टूटा पेड़
गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश और तेज आंधी ने राज्य के कई हिस्सों में तबाही मचाई है, जिसमें कई दुखद घटनाएं भी सामने आईं:
- समस्तीपुर: एक सरकारी स्कूल में पुराना पेड़ गिरने से तीन छात्राओं की दर्दनाक मौत हो गई।
- बांका: दीवार गिरने के कारण एक महिला की जान चली गई।
- पूर्णिया: तेज आंधी की वजह से लगभग 50 घरों के छप्पर उड़ गए।
कोसी बराज पर बढ़ा दबाव, प्रशासन अलर्ट पर
नेपाल में गुरुवार से रविवार तक भारी बारिश का अनुमान है, जिसका सीधा असर भारत-नेपाल सीमा से सटे कोसी बराज पर पड़ रहा है। प्रशासन ने कोसी बराज और सुनसरी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। बराज से पानी छोड़ने की मात्रा में लगातार वृद्धि देखी जा रही है:
- सुबह 8 बजे: 1,09,795 क्यूसेक
- दोपहर 12 बजे: 1,40,260 क्यूसेक
- दोपहर 3 बजे: 1,71,410 क्यूसेक
- शाम 4 बजे: 1,77,390 क्यू