गया में औद्योगिक क्रांति! बिहार मैन्युफैक्चरिंग सिटी का आगाज
गया के डोभी में बिहार एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग सिटी (BIMCGL) का शुभारंभ हुआ। 12 समझौतों के जरिए ₹4,200 करोड़ का निवेश और 1.10 लाख नौकरियां मिलने की उम्मीद है।

बिहार के औद्योगिक परिदृश्य में एक नया अध्याय जुड़ गया है। गया के बोधगया में शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'बिहार एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड' (BIMCGL) का औपचारिक शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर 12 महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए, जो लगभग 300 एकड़ भूमि को कवर करते हैं और जिनमें 4,200 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
गया बनेगा बिहार का नया औद्योगिक हब
यह परियोजना अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर (AKIC) के तहत गया में एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) को लागू करने के लिए एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) के रूप में कार्य करेगी। गया जिले के डोभी ब्लॉक में 1,670 एकड़ में फैली इस परियोजना को केंद्र सरकार ने 28 अगस्त, 2024 को 1,339 करोड़ रुपये की कुल लागत (भूमि अधिग्रहण सहित) के साथ मंजूरी दी थी।
निवेश और रोजगार के नए अवसर
BIMCGL के माध्यम से बिहार में बड़े पैमाने पर आर्थिक बदलाव की उम्मीद है:
- अनुमानित निवेश: लगभग 16,500 करोड़ रुपये।
- रोजगार सृजन: करीब 1.10 लाख लोगों के लिए नौकरियों के अवसर।
- साझेदारी: यह बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) और नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इम्प्लीमेंटेशन ट्रस्ट (NICDIT) के बीच एक संयुक्त उद्यम है।
विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी
परियोजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसमें सड़क, जल आपूर्ति, सीवरेज, अपशिष्ट जल उपचार, बिजली वितरण और अग्नि सुरक्षा प्रणालियों जैसे एकीकृत बुनियादी ढांचे शामिल होंगे।
निवेशकों और उच्च अधिकारियों की पहुंच को आसान बनाने के लिए IMC गया में एक समर्पित हेलीपैड का निर्माण भी उन्नत चरण में है।
परियोजना की भौगोलिक स्थिति भी बेहद रणनीतिक है। यह NH-22 और NH-19 के पास स्थित है और गया हवाई अड्डे से मात्र 39 किमी की दूरी पर है, जो इसे प्रमुख औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों से जोड़ता है।
किन क्षेत्रों पर रहेगा मुख्य फोकस?
यह औद्योगिक क्लस्टर विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देगा और औद्योगिक मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेगा:
- कृषि आधारित उद्योग
- कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट्स
- फर्नीचर और हस्तशिल्प
- इंजीनियरिंग और फैब्रिकेशन
इस कार्यक्रम के दौरान 'बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027' का भी अनावरण किया गया, जो राज्य में भविष्य के व्यापारिक निवेशों के लिए एक बड़ा संकेत है।