जमीन विवादों से मिलेगी मुक्ति! बिहार में अब डिजिटल होगी सुनवाई

बिहार राजस्व विभाग ने भूमि विवादों के त्वरित निपटारे के लिए 100% डिजिटल सुनवाई का आदेश दिया है। अब RCMS के जरिए होगी सुनवाई।

Ghazala Saheb31 October 20262 min read0 viewsBihar
जमीन विवादों से मिलेगी मुक्ति! बिहार में अब डिजिटल होगी सुनवाई

बिहार में जमीन से जुड़े मामलों में होने वाली देरी और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने अब सभी भूमि विवादों की सुनवाई को 100% डिजिटल करने का आदेश जारी किया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य मामलों के निपटारे में तेजी लाना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

RCMS के जरिए होगी अब डिजिटल सुनवाई

राजस्व एवं सर्वेक्षण प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान सचिव सीमा त्रिपाठी ने यह महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) को 'रेवेन्यू कोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम' (RCMS) के माध्यम से अनिवार्य रूप से डिजिटल सुनवाई करनी होगी।

अधिकारियों को विशेष रूप से उन राजस्व मामलों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है, जो दो साल से अधिक समय से लंबित पड़े हैं। इस डिजिटल व्यवस्था से न केवल जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि आम जनता को भी अदालती चक्करों से राहत मिलेगी।

'अभियान बसेरा' और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं पर फोकस

बैठक में केवल विवादों पर ही नहीं, बल्कि सरकार की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं पर भी चर्चा की गई। अतिरिक्त सचिव अमित कुमार पांडे द्वारा संचालित इस बैठक में निम्नलिखित लक्ष्यों पर जोर दिया गया:

  • अभियान बसेरा: इस योजना के तहत 30,000 भूमिहीन परिवारों को आवासीय भूमि उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
  • डिजिटलीकरण: म्यूटेशन अपील, 'परिमार्जन प्लस' और जमाबंदी रिकॉर्ड को अपडेट करने की प्रक्रिया में तेजी लाना।
  • ई-मैपी और अतिक्रमण: 'ई-मैपी' प्रक्रिया को रफ्तार देने के साथ-साथ अतिक्रमण के मामलों और बिहार भूमि विवाद समाधान अधिनियम (BLDRA) के तहत मामलों का त्वरित निपटारा करना।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे जमीनी स्तर पर जाकर जनता की शिकायतों का व्यक्तिगत रूप से समाधान करें।

चुनौतियां और बिचौलियों का खेल

हालांकि, सरकार की इन योजनाओं के सामने कुछ गंभीर चुनौतियां भी खड़ी हैं। भूमि रिकॉर्ड की त्रुटियों को सुधारने के लिए चलाया जा रहा राज्यव्यापी अभियान, जिसे 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाना है, वर्तमान में बाधाओं का सामना कर रहा है। राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों और अमीन की सामूहिक छुट्टी के कारण इस अभियान की गति धीमी हो गई है।

"ऑनलाइन जमाबंदी और सरकारी रिकॉर्ड में विसंगतियों के कारण करोड़ों नागरिक आज भी परेशान हैं, जिससे बिचौलियों को फलने-फूलने का मौका मिलता है।"

गौरतलब है कि पिछले सात वर्षों में दस्तावेजों की विसंगतियों को दूर करने के कई प्रयास किए गए, लेकिन वे प्रभावी साबित नहीं हुए। अब विभाग को उम्मीद है कि यह नया डिजिटल ढांचा भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने में सफल होगा।

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