बिहार में जमीन के रिकॉर्ड सुधारने के लिए 45 दिनों का विशेष अभियान शुरू

किशनगंज में 13 सितंबर को मिली जानकारी के अनुसार, बिहार में जमीन के रिकॉर्ड को दुरुस्त करने और जमाबंदी से जुड़ी गलतियों को ठीक करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग 45 दिनों का विशेष अभियान चलाएगा। इस अभियान में खाता, खेसरा, प्लॉट संख्या और रैयत के नाम की गलतियों को सुधारा जाएगा। जरूरत पड़ने पर जमीन की नि:शुल्क मापी भी कराई जाएगी।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि लोगों को अब जमीन के काम के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। अधिकारी और राजस्व कर्मचारी खुद लोगों के पास जाकर शिकायत सुनेंगे और नियमों के तहत मामलों का समाधान करेंगे। अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता बरतने और भेदभाव न करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
जमाबंदी शुद्धीकरण अभियान की जिम्मेदारी पूरी तरह से अंचल अधिकारियों यानी सीओ को दी गई है। सीओ और राजस्व अधिकारी गांवों में जाकर लोगों से बात करेंगे और जमीन की शिकायतों की जानकारी लेंगे। इसके बाद दस्तावेजों की जांच करके नियमों के मुताबिक गलतियों को सुधारा जाएगा।
इस पूरे अभियान की निगरानी मुख्यालय स्तर पर हर रोज की जाएगी। विभाग की विशेष टीमें अलग-अलग जिलों में जाकर किए जा रहे काम की गुणवत्ता की जांच करेंगी। इसका मुख्य मकसद जमीन से जुड़ी शिकायतों का सही समय पर समाधान करना है।
अरवल, जहानाबाद, शेखपुरा, शिवहर और लखीसराय जिलों के एक हजार से ज्यादा गांवों को इस अभियान में शामिल किया जाएगा। इन सभी गांवों का नोटिफिकेशन जल्द ही जारी किया जाएगा। नोटिफिकेशन जारी होने के तीन महीने के भीतर एडीएम कोर्ट में अपील करने का नियम भी रहेगा।
नए सर्वे वाले जिलों में स्पेशियल म्यूटेशन की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। इसमें जमीन के विवरण के साथ उसका नक्शा भी आसानी से मिल जाएगा। इससे जमीन मालिकों को अपने रिकॉर्ड की सही स्थिति समझने में बहुत आसानी होगी।
विभाग का साफ उद्देश्य है कि जमीन के रिकॉर्ड की सभी गलतियां दूर हों और मामलों के निपटारे की प्रक्रिया सरल व पारदर्शी बन सके।