बिहार में भूमिहीन परिवारों की चमकेगी किस्मत! 'अभियान बसेरा' के जरिए मिलेगा घर बनाने के लिए जमीन का अधिकार

बिहार के भूमिहीन परिवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने उन परिवारों के जीवन में स्थायित्व लाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा 'अभियान बसेरा' कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के भूमिहीन परिवारों को आवासीय भूमि का मालिकाना हक प्रदान करना है।
20 से 40 साल से रह रहे लोगों को नहीं करना होगा पलायन
इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जो लोग लंबे समय से सरकारी जमीन पर बसे हुए हैं, उन्हें अब डरने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया है कि जो व्यक्ति पिछले 20 से 40 वर्षों से सरकारी जमीन पर रह रहे हैं, उन्हें वहां से हटाया नहीं जाएगा। इसके बजाय, उनके निवास को नियमित किया जाएगा और उन्हें आधिकारिक रूप से जमीन के आवंटन का दस्तावेज यानी 'पर्चा' दिया जाएगा।
इस योजना के तहत पात्र परिवारों को घर निर्माण के लिए तीन डेसिमल जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। यह लाभ मुख्य रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), पिछड़ा वर्ग (BC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के परिवारों को मिलेगा।
कैसे और कहाँ करें आवेदन?
अभियान बसेरा के तहत आवेदन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। ये शिविर पंचायत कार्यालयों और अंचल (Anchal) कार्यालयों में लगाए जाएंगे।
विभिन्न जिलों में शिविरों का कार्यक्रम:
- भागलपुर: यहाँ पंचायत सरकार भवनों में 22 से 25 सितंबर तक और अंचल कार्यालयों में 22 से 28 सितंबर तक शिविर आयोजित किए जाएंगे।
- सारण (तरैया ब्लॉक): यहाँ सभी 13 पंचायत भवनों और अंचल कार्यालय में 22 से 28 सितंबर तक प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक शिविर चलेंगे।
इसके अलावा, नागरिक बिहार भूमि पोर्टल (biharbhumi.bihar.gov.in) के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने पर प्राप्त होने वाली रसीद एक औपचारिक पावती के रूप में काम करेगी।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों की सूची
पात्रता सुनिश्चित करने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने होंगे:
- स्वयं, जीवनसाथी और परिवार के सभी वयस्क सदस्यों के आधार कार्ड की स्व-अभिप्रमाणित प्रति।
- जाति प्रमाण पत्र।
- निवास का प्रमाण (जैसे राशन कार्ड या वोटर आईडी)।
- परिवार की एक सामूहिक फोटो।
- एक शपथ पत्र (Affidavit) जिसमें यह प्रमाणित हो कि परिवार के पास पहले से कोई आवासीय भूमि नहीं है।
- यदि परिवार वर्तमान में सरकारी जमीन पर रह रहा है, तो उस प्लॉट का विवरण जैसे मौजा, खाता और खेसरा नंबर।
सावधान रहें: बिचौलियों के झांसे में न आएं
प्रशासन ने जनता को सख्त चेतावनी दी है कि वे किसी भी बिचौलिए या दलाल के बहकावे में न आएं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आवेदन करने के लिए किसी को भी पटना मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। स्थानीय स्तर पर ही पूरी प्रक्रिया संपन्न की जा रही है।
जागरूकता फैलाने के लिए शेखपुरा, कटिहार, जहानाबाद और सिवान जैसे जिलों में विकास मित्रों और जीविका दीदियों को तैनात किया गया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल इस पूरी मुहिम के क्रियान्वयन की देखरेख कर रहे हैं। योजना के तहत जमीन के पर्चे का वितरण 20 नवंबर, 2026 को निर्धारित किया गया है।