बिहार विधान परिषद चुनाव: पटना में RJD की ऐतिहासिक जीत!

बिहार विधान परिषद चुनाव के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजे आ गए हैं। पटना में RJD ने 30 साल बाद जीत दर्ज की है। जानें सभी सीटों का पूरा अपडेट।

Ghazala Saheb28 October 20262 min read0 viewsBihar
बिहार विधान परिषद चुनाव: पटना में RJD की ऐतिहासिक जीत!

बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए घोषित परिणामों में आरजेडी (RJD) ने पटना सीट पर बड़ी कामयाबी हासिल की है, जिसने दशकों पुराने राजनीतिक समीकरणों को बदल कर रख दिया है।

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: RJD का दबदबा और बड़े उलटफेर

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतगणना के बाद परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं:

  • पटना सीट: आरजेडी के डॉ. संजीव कुमार यादव ने भाजपा के नवल किशोर यादव को 1,057 वोटों के अंतर से हराकर बड़ी जीत दर्ज की है। यह लगभग 30 वर्षों के बाद पटना की शिक्षक सीट पर आरजेडी की पहली बड़ी जीत है।
  • तिरहुत सीट: भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह ने इस सीट पर जीत हासिल की है।
  • दरभंगा सीट: जन सुराज पार्टी के सुरेश राय ने कांग्रेस के एमएलसी मदन मोहन झा को 324 वोटों के अंतर से हराकर सबको चौंका दिया।
  • सारण सीट: निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. राहुल राज ने 1,815 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: मतगणना का दौर जारी

स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए वोटों की गिनती अभी भी जारी है। अब तक के रुझान इस प्रकार हैं:

  • पटना: जदयू के नीरज कुमार 2,279 वोटों की बढ़त के साथ सबसे आगे चल रहे हैं। उनके मुकाबले आरजेडी के दिलीप पटेल और जन सुराज के अनुज सिंह कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
  • तिरहुत: निर्दलीय बंशीधर ब्रजवासी 1,074 वोटों से आगे हैं, जबकि जदयू के अभिषेक झैंन दूसरे स्थान पर हैं।
  • कोसी: भाजपा के दो बार के एमएलसी डॉ. एनके यादव प्रथम वरीयता के वोटों में बढ़त बनाए हुए हैं।
  • दरभंगा: आरजेडी के अनिल कुमार झा को बढ़त मिली है, हालांकि भाजपा के सर्वेश कुमार भी मुकाबले में बने हुए हैं।

मतगणना के दौरान बढ़ा तनाव और विवाद

चुनाव परिणामों के साथ-साथ मतगणना केंद्रों पर विवाद की खबरें भी सामने आईं। पटना शिक्षक सीट की मतगणना के दौरान CCTV कैमरों की अनुपस्थिति को लेकर आरजेडी, कांग्रेस और जन सुराज के उम्मीदवारों ने कड़ा विरोध जताया। हालांकि, पटना जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि इन चुनावों में सीसीटीवी निगरानी मानक प्रोटोकॉल का हिस्सा नहीं है।

इसके अलावा, मतगणना केंद्र के बाहर जन सुराज कार्यकर्ताओं और सरकारी कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक और तनाव की स्थिति भी देखी गई। इससे पहले, आरजेडी ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को 10 मांगों की एक सूची सौंपी थी, जिसमें बैलेट पेपर के सत्यापन और विशेष पेन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी।

कैसे होता है यह चुनाव?

बिहार विधान परिषद के सदस्य अप्रत्यक्ष चुनाव के माध्यम से चुने जाते हैं। इसमें वे शिक्षक वोट देते हैं जिन्हें कम से कम तीन साल का अनुभव हो, और वे स्नातक वोट देते हैं जिन्होंने अपनी शिक्षा पूरी किए तीन साल से अधिक समय हो गया हो। एमएलसी का कार्यकाल छह वर्ष का होता है और वर्तमान पदाधिकारियों का कार्यकाल 16 नवंबर, 2026 को समाप्त हो रहा है।

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