सीने पर रखे 9 कलश! गया में अनोखी दुर्गा पूजा ने सबको चौंकाया

बिहार के गया जिले से आस्था की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जहाँ गया में अनोखी दुर्गा पूजा के रूप में एक युवक की कठिन तपस्या चर्चा का विषय बनी हुई है। सलेमपुर इलाके में 22 साल के शंकर कुमार मां दुर्गा की ऐसी कठिन साधना कर रहे हैं, जिसे देखकर हर कोई दंग है।
सपने में मां दुर्गा के दर्शन के बाद लिया संकल्प
शंकर कुमार मूल रूप से नवादा जिले के रहने वाले हैं, लेकिन वर्तमान में वे गया में रहकर अपनी साधना कर रहे हैं। वे बचपन से ही मां दुर्गा के अनन्य भक्त रहे हैं। पहले वे केवल व्रत रखकर पूजा करते थे, लेकिन इस बार उन्होंने कुछ बेहद कठिन करने का निर्णय लिया। शंकर बताते हैं कि नवरात्रि शुरू होने से दो दिन पहले उन्हें सपने में मां दुर्गा के दर्शन हुए थे, जिसके बाद उन्होंने यह कठिन तप करने का संकल्प लिया।
नौ दिनों तक सीने पर संतुलित रहेंगे कलश
यह तपस्या शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण है। शारदीय नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक शंकर कुमार लेटी हुई अवस्था में रहते हैं और अपने सीने पर नौ पवित्र कलशों को संतुलित करते हैं। इस दौरान उनके खान-पान पर भी कड़ा नियंत्रण है; वे केवल बहुत कम मात्रा में घी और शहद का ही सेवन कर रहे हैं।
स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि विश्व शांति की है कामना
अक्सर लोग अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए तपस्या करते हैं, लेकिन शंकर का उद्देश्य बिल्कुल अलग है। उन्होंने बताया कि यह तपस्या किसी व्यक्तिगत लाभ या इच्छा पूर्ति के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में शांति, अपने राष्ट्र, राज्य, जिले और अपने समुदाय की खुशहाली के लिए है।
स्थानीय लोगों ने मिलकर दिया सहयोग
शंकर की इस कठिन साधना को सफल बनाने के लिए स्थानीय समुदाय ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्थानीय निवासी अनिल कुमार ने बताया कि शंकर की इस इच्छा को पूरा करने और इस अनुष्ठान को व्यवस्थित करने के लिए समाज के लोगों ने एक बैठक भी आयोजित की थी। वर्तमान में, शंकर की इस अद्भुत श्रद्धा को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सलेमपुर पहुंच रहे हैं।