चुनाव आयोग पर उठते सवाल लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं: बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव का विपक्ष पर करारा प्रहार

बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव ने चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ चल रहे राजनीतिक विवादों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक संस्था पर आरोप लगाना लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है और सभी राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग का सम्मान करना चाहिए।
संवैधानिक संस्था का सम्मान जरूरी
मीडिया से बात करते हुए यादव ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक और पवित्र संस्था है, जिसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि इस संस्था के इर्द-गिर्द विवाद पैदा करना लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आयोग का अपना महत्व है और इस पर इस तरह की टिप्पणी करना न तो उचित है और न ही न्यायसंगत।
"चुनाव आयोग एक संवैधानिक और पवित्र संस्था है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। इस पर सवाल उठाना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।" — रामकृपाल यादव
कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला
विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए मंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस द्वारा केंद्र और राज्यों में जीते गए सभी चुनावों का श्रेय चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत को दिया जाना चाहिए? उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या यह माना जाए कि कांग्रेस के पास जनता का समर्थन नहीं था और उन्होंने केवल आयोग का इस्तेमाल किया?
'वोट चोरी' के आरोपों को बताया निराधार
विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे 'वोट चोरी' के आरोपों को यादव ने पूरी तरह से आधारहीन बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनावी नतीजों को स्वीकार करना चाहिए। उनके अनुसार:
- हार का दोष चुनाव आयोग पर मढ़ना गलत है।
- जनता ने अपने वोटों के माध्यम से राजनीतिक दलों को हराया है।
- हार के लिए आयोग को जिम्मेदार ठहराना केवल बहाना बनाने जैसा है।
महाभियोग की कोशिशें होंगी नाकाम
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की संभावनाओं पर भी उन्होंने स्पष्ट रुख अपनाया। यादव ने कहा कि यदि विपक्ष महाभियोग का प्रस्ताव लाता भी है, तो वह सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले भी कई मुद्दों पर ऐसा करने की कोशिश कर चुका है, लेकिन परिणाम हमेशा उनके खिलाफ ही रहे हैं।
यह पूरा विवाद तब गरमाया जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना करते हुए चुनावों में धांधली के आरोप लगाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। यह मामला मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) और चुनाव आयुक्तों के बीच कथित आंतरिक मतभेदों से जुड़ा हुआ है। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि संस्था के भीतर विभिन्न विचार और प्रश्न प्रक्रिया का हिस्सा हैं और सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते हैं।