बिहार एमएलसी चुनाव: मतगणना के दौरान भारी हंगामा, सीसीटीवी और धांधली के आरोप
बिहार एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान सीसीटीवी की कमी और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर भारी हंगामा हुआ। जानें क्या है पूरा मामला।

बिहार विधान परिषद की आठ महत्वपूर्ण सीटों—चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों—के लिए मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को मतगणना प्रक्रिया शुरू हो गई। सुबह 8:00 बजे से शुरू हुई इस प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मतगणना केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू कर दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पटना संभाग के आयुक्त राजेश कुमार के अनुसार, मतगणना का परिणाम शाम तक आने की उम्मीद है, जिसमें पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम सबसे पहले घोषित किया जा सकता है।
सीसीटीवी और स्वच्छता को लेकर मचा बवाल
मतगणना की प्रक्रिया शुरू होते ही विवाद और हंगामे की स्थिति पैदा हो गई। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह ने मतगणना केंद्र पर भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि मतगणना हॉल के भीतर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं और केंद्र पर स्वच्छता की स्थिति भी बेहद खराब है।
अनुज सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें मतगणना केंद्र में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने इस मामले की लिखित शिकायत चुनाव आयोग को ईमेल के माध्यम से भेजने की घोषणा की है। केवल अनुज सिंह ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. संजय कुमार और आरजेडी के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने भी सीसीटीवी कैमरों की अनुपस्थिति को लेकर विरोध प्रदर्शन और धरना दिया है।
संदिग्ध व्यक्ति की हिरासत और सुरक्षा पर सवाल
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल तब और गहरा गए जब जन सुराज की शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की उम्मीदवार दिव्या ज्योति ने एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा। दिव्या ज्योति का दावा है कि उन्होंने एक व्यक्ति को संदिग्ध फाइलों के साथ देखा, जिसमें फॉर्म-16 जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे। इस घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
प्रशासन का स्पष्टीकरण: क्या नियमों में है ढील?
बढ़ते विवाद और उम्मीदवारों के हंगामे के बीच पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि:
- वर्तमान चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, इन विशिष्ट विधान परिषद चुनावों के लिए मतगणना कक्षों के भीतर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य नहीं है।
- यह नियम लोकसभा और विधानसभा चुनावों के प्रोटोकॉल से अलग है।
प्रशासन के इस रुख ने उम्मीदवारों के बीच असंतोष को और बढ़ा दिया है, जो पारदर्शिता को लेकर चिंतित हैं।
राजनीतिक सरगर्मी और समर्थकों का उत्साह
इस मतगणना प्रक्रिया के साथ ही बिहार की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने सार्वजनिक रूप से अनुज सिंह का समर्थन किया है। गौरतलब है कि अनंत सिंह को 24 अक्टूबर को जेडीयू (JD-U) से निष्कासित कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अनुज सिंह का समर्थन किया था, जो कि मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार के खिलाफ था।
एक तरफ जहां उम्मीदवार और विपक्षी दल अनियमितताओं को लेकर सड़कों पर हैं, वहीं दूसरी ओर जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार और अनंत सिंह के समर्थकों ने जीत के उत्साह में जश्न मनाना शुरू कर दिया है। अब सबकी नजरें शाम को आने वाले आधिकारिक परिणामों पर टिकी हैं।