बिहार में नई औद्योगिक नीति से कारोबार होगा आसान, पांच साल में बड़े पैमाने पर रोजगार मिलने का बड़ा लक्ष्य

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश रुँगटा ने कहा है कि बिहार अब भविष्य की अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने की ओर बढ़ चला है। बिहार को पूर्वी भारत के आर्थिक विकास का इंजन बनाने का लक्ष्य अब धरातल पर उतारा जा रहा है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नियमों को सरल बनाया जा रहा है और उद्यमियों को जमीन, बिजली जैसी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
उद्योग और निवेश से जुड़ी मुख्य बातें
- बिहार में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नियम और प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया जा रहा है।
- एकल खिड़की प्रणाली और डिजिटल मंच से सभी समस्याओं का समाधान होगा।
- यदि कोई विभाग 30 दिनों के अंदर एनओसी या अनुमोदन नहीं देता है, तो उसे स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा।
- पाँच सालों में राज्य में व्यापक औद्योगिक क्रांति लाने और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने की योजना है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के जरिए राज्य में औद्योगिक प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जा रहा है। उद्योग विभाग द्वारा बिहार में लघु एवं सूक्ष्म उद्योग हेतु नई नीति का प्रारूप जारी किया गया है। इसके माध्यम से पांच साल में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है।
युवा उद्यमियों को स्टार्टअप के माध्यम से बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि फसलों से खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देकर विकास की यात्रा को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में राज्य सरकार काम कर रही है जिससे बिहार में उद्योग, निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।