बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य भर के 370 अवैध गर्ल्स हॉस्टल बंद करने का दिया सख्त आदेश

बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य में चल रहे 370 बिना रजिस्ट्रेशन वाले प्राइवेट गर्ल्स हॉस्टल को तुरंत बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। पटना हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद ये हॉस्टल बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे थे, जिस पर पुलिस मुख्यालय ने कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं - राज्य में कुल 494 प्राइवेट हॉस्टल में से 7 सितंबर 2026 तक केवल 124 ने रजिस्ट्रेशन कराया है, अवैध हॉस्टल में पटना में 154, भागलपुर में 73 और मुजफ्फरपुर में 6 शामिल हैं, यह कार्रवाई पटना हाईकोर्ट के हस्तक्षेप और PIL के बाद हो रही है।
हाईकोर्ट के निर्देश और सुरक्षा गाइडलाइन
यह कार्रवाई एडवोकेट माधव राज द्वारा 19 जनवरी 2026 को दायर की गई PIL के बाद शुरू हुई, जब पटना के एक हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत हो गई थी। इसके बाद 4 फरवरी 2026 को गृह विभाग ने सुरक्षा गाइडलाइन बनाई थी जिसमें सीसीटीवी, स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन, 24 घंटे महिला वार्डन और पुरुषों के प्रवेश पर रोक शामिल थी। मई 2026 में हाईकोर्ट ने पाया कि नियमों में सख्त सजा का प्रावधान नहीं है, जिसके बाद से कड़ाई और बढ़ाई गई।
जांच और हॉस्टल बंद करने की कार्रवाई
17 जुलाई 2026 को किए गए सर्वे में 783 हॉस्टल की जांच की गई थी जिसमें से 700 में सीसीटीवी और 658 में विजिटर रजिस्टर मिले थे, लेकिन रजिस्ट्रेशन का काम बहुत कम हुआ था। इसी लापरवाही के कारण पुलिस मुख्यालय ने सभी जिला प्रशासन को बिना रजिस्ट्रेशन वाले सभी हॉस्टल तुरंत बंद करने का स्पष्ट निर्देश दे दिया है।