'मेरे सपनों का भारत' प्रतियोगिता में बिहार का देशभर में प्रथम स्थान, सीएम ने किया बड़ा ऐलान

बिहार के लिए एक गौरवशाली क्षण आया है। 'मेरे सपनों का भारत' विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय चित्र एवं भाषण प्रतियोगिता में बिहार ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह राज्य के लिए बहुत गर्व की बात है। पटना के बापू सभागार में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इस सफलता का उत्सव मनाया।
शिक्षकों को ऑक्सफोर्ड और दुनिया के बड़े संस्थानों में मिलेगी ट्रेनिंग
शिक्षा की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक क्रांतिकारी पहल की घोषणा की है। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि राज्य के 100 उत्कृष्ट शिक्षकों की पहचान की जाए, जो अपने विषयों में माहिर हों।
- इन चयनित शिक्षकों को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय सहित दुनिया के अन्य प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
- इससे शिक्षक आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय शिक्षण पद्धतियों को सीख सकेंगे।
- वापस आने के बाद ये शिक्षक अपने अनुभवों से बिहार के विद्यार्थियों के भविष्य को संवारेंगे।
पलायन रोकने के लिए शिक्षा और रोजगार पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के सामने दो सबसे बड़े लक्ष्य हैं। सरकार का उद्देश्य बिहार को केवल शिक्षा का ही नहीं, बल्कि रोजगार का भी केंद्र बनाना है।
"बिहार के लाखों विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख करते हैं। हमारी कोशिश है कि राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ऐसी व्यवस्था हो कि उन्हें बाहर न जाना पड़े," मुख्यमंत्री ने कहा। उन्होंने आगे बताया कि उद्योगों का विस्तार कर स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करना भी सरकार की प्राथमिकता है, ताकि युवाओं को काम की तलाश में पलायन न करना पड़े।
"बिहार प्राचीन काल से ही ज्ञान, अर्थव्यवस्था और लोकतांत्रिक चेतना की भूमि रहा है। मगध ने भारत को स्वर्णिम युग दिया और पंडित चाणक्य ने इसी धरती से अखंड भारत की परिकल्पना की थी।"
बजट और बुनियादी ढांचे का विस्तार
राज्य की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार भारी निवेश कर रही है। मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण आंकड़े साझा करते हुए बताया कि बिहार सरकार अपने लगभग 3.47 लाख करोड़ रुपये के कुल बजट में से करीब 78 हजार करोड़ रुपये शिक्षा विभाग पर खर्च कर रही है, जो कुल बजट का लगभग 21 प्रतिशत है।
इसके साथ ही, राज्य में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
- पीएम श्री विद्यालय: इन विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था को अगले साल मार्च तक पूरी तरह व्यवस्थित करने का लक्ष्य रखा गया है।
- केंद्रीय विद्यालय: बिहार सरकार ने 17 स्थानों पर केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने के लिए जमीन उपलब्ध कराई है, जहाँ इसी वर्ष से पढ़ाई शुरू करने की पहल की जा रही है।
- आवास योजना: मुख्यमंत्री ने बताया कि 2014 से 2026 के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब 62 लाख गरीब परिवारों को पक्के मकान मिल चुके हैं।