बिहार बनेगा अक्षय ऊर्जा का लीडिंग स्टेट, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
बिहार अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में नंबर वन बनने की राह पर है। मंत्री शैलेश कुमार ने नवादा में बड़े प्रोजेक्ट्स और PM-KUSUM योजना की जानकारी दी।

बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने राज्य के भविष्य को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि बिहार बिहार अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और पाइपलाइन में मौजूद कई बड़े प्रोजेक्ट्स इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य ऊर्जा उत्पादन में नई ऊंचाइयों को छुएगा।
PM-KUSUM योजना से कृषि क्षेत्र में आएगा बड़ा बदलाव
मंत्री ने बताया कि सरकार ने PM-KUSUM योजना के तहत महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इस योजना के माध्यम से राज्य में कुल 2,900 मेगावाट की परियोजनाएं संचालित की जाएंगी। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में डीजल की निर्भरता को कम करना और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि करना है।
- केंद्र सरकार सौर पंप लगाने के लिए 30 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान करती है।
- किसान अपनी बंजर या परती भूमि पर 2 मेगावाट तक के सौर ऊर्जा संयंत्र लगा सकते हैं।
- उत्पादित बिजली को स्थानीय बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को बेचा जा सकता है।
नवादा में बनेगा बड़ा ऊर्जा भंडारण प्रोजेक्ट
ऊर्जा भंडारण की क्षमता बढ़ाने के लिए बिहार सरकार बड़े स्तर पर काम कर रही है। शैलेश कुमार के अनुसार, नवादा में 1,600 मेगावाट का पंपड स्टोरेज प्रोजेक्ट विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, 500 मेगावाट का बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट भी तैयार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कजरा में इस तरह की परियोजनाएं पहले ही शुरू की जा चुकी हैं और यह उनकी दूसरी बड़ी पहल है।
2,500 बिजली फीडरों का होगा सौरकरण
राज्य के ऊर्जा ढांचे को और अधिक कुशल बनाने के लिए सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। मंत्री ने जानकारी दी कि पूरे राज्य में लगभग 2,500 बिजली फीडरों को अलग किया जाएगा और उन्हें सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा (Solarise)।
निवेशकों को मिल रही है सरकार की पूरी मदद
बिहार में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। मंत्री ने कहा कि कई निवेशक इस क्षेत्र में काम करने के लिए आगे आ रहे हैं। सरकार निवेशकों को भूमि और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है ताकि राज्य में ऊर्जा उत्पादन और विकास को गति मिल सके।