बिहार नदी गाद प्रबंधन: अब नदियों की गाद से बनेंगी सड़कें!
बिहार की नदियों में गाद प्रबंधन के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समझौता हुआ है। अब गाद का उपयोग सड़क निर्माण में होगा।

बिहार में बिहार नदी गाद प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार की नदियों में जमा गाद अब राज्य के लिए समस्या नहीं, बल्कि विकास का नया जरिया बनने जा रही है। केंद्र और बिहार सरकार के बीच हुए एक महत्वपूर्ण समझौते के बाद, नदियों से निकाली गई गाद का उपयोग अब सड़क निर्माण जैसे बुनियादी ढांचे के कार्यों में किया जाएगा।
बाढ़ और कटाव की समस्या का समाधान
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने इस ऐतिहासिक कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि बिहार की नदियों में गाद का बढ़ता जमाव लंबे समय से बाढ़ और मिट्टी के कटाव जैसी गंभीर समस्याओं का मुख्य कारण रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार लगातार केंद्र सरकार का ध्यान इस महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर आकर्षित करते रहे हैं।
'बिहार जलस्रोत पुनरुत्थान एवं गाद प्रबंधन नीति-2026'
यह समझौता 'बिहार जलस्रोत पुनरुत्थान एवं गाद प्रबंधन नीति-2026' के तहत किया गया है, जो राज्य हित में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। इस नीति के माध्यम से नदियों के जलप्रवाह को बेहतर बनाया जाएगा और गाद का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। इससे न केवल नदियों की गहराई बढ़ेगी, बल्कि गाद का उपयोग निर्माण कार्यों में होने से राज्य को आर्थिक लाभ भी होगा।
मंत्री निशांत ने इस सफल समन्वय के लिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच यह तालमेल बिहार के विकास के लिए एक सकारात्मक और क्रांतिकारी कदम है।