बिहार सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए नया नियम: बैंक खाता अनिवार्य
बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए बैंक खाता और जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया है। छात्रवृत्ति के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है।

बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा निर्देश जारी किया है। अब हर बिहार सरकारी स्कूल छात्र के पास अपना व्यक्तिगत या संयुक्त बैंक खाता और जन्म प्रमाण पत्र होना अनिवार्य होगा। विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को 31 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
छात्रवृत्ति के लिए बैंक खाता क्यों जरूरी है?
शिक्षा विभाग के प्रशासन निदेशक विजय कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया है कि यह कदम छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी लाभों को सीधे छात्रों के खातों में पहुंचाने के लिए उठाया गया है। Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से वित्तीय सहायता को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाया जा सके।
- छात्रों का बैंक खाता व्यक्तिगत या माता-पिता/अभिभावक के साथ संयुक्त (Joint) हो सकता है।
- खाता किसी भी सरकारी या राष्ट्रीयकृत बैंक में होना अनिवार्य है।
- स्कूल के प्रधानाध्यापकों को स्थानीय बैंक प्रबंधकों के साथ समन्वय कर खाता खोलने में मदद करनी होगी।
- उन छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जो छात्रवृत्ति के पात्र हैं।
जन्म प्रमाण पत्र का रिकॉर्ड रखना होगा अनिवार्य
नए आदेश के अनुसार, प्रत्येक छात्र के जन्म प्रमाण पत्र की एक प्रति स्कूल के रिकॉर्ड में सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। जन्म प्रमाण पत्र न केवल स्कूल नामांकन के लिए, बल्कि बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया के लिए भी एक आवश्यक दस्तावेज है।
प्रधानाध्यापकों को इस कार्य में सहयोग के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए गए हैं:
- ग्रामीण क्षेत्रों में: स्थानीय मुखियाओं के साथ मिलकर काम करें।
- शहरी क्षेत्रों में: नगर निकायों (Municipal authorities) के साथ समन्वय स्थापित करें।
अधिकारियों की निगरानी में चलेगा अभियान
इस पूरे अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला कार्यक्रम अधिकारियों (DPO) को सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्हें नियमित रूप से प्रगति की निगरानी करनी होगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि 31 दिसंबर की समयसीमा से पहले सभी छात्रों के दस्तावेज और बैंक खाते तैयार हो जाएं। इससे भविष्य में किसी भी छात्र को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कोई समस्या नहीं आएगी।