पूर्वी चंपारण के किसानों की चमकेगी किस्मत, नींबू-अमरूद पर मिलेगी बड़ी सब्सिडी!
पूर्वी चंपारण में नींबू और अमरूद की खेती के लिए सरकार दे रही है 1 लाख तक की सब्सिडी। जानें आवेदन का तरीका और जरूरी शर्तें।

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए सरकार ने एक बड़ी योजना की घोषणा की है। उद्यान विभाग अब नींबू और अमरूद की खेती करने वाले किसानों को भारी सब्सिडी प्रदान कर रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी को अपनाकर किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
कैसे मिलेगा 1 लाख रुपये का लाभ?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ विशेष शर्तें और लक्ष्य निर्धारित किए हैं। विभाग ने जिले में नींबू और अमरूद की खेती के लिए 25-25 एकड़ का लक्ष्य रखा है।
- क्लस्टर का नियम: सब्सिडी का लाभ लेने के लिए किसानों को एक ही पंचायत के भीतर कम से कम 25 एकड़ का क्लस्टर बनाना अनिवार्य है।
- सब्सिडी की राशि: सरकार प्रत्येक क्लस्टर के लिए 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी देगी।
- सीधा भुगतान: यह पैसा किसी बिचौलिए के माध्यम से नहीं, बल्कि 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) के जरिए सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा जाएगा।
- किस्तों में वितरण: सब्सिडी का भुगतान दो चरणों में किया जाएगा। पहले वर्ष में 65 प्रतिशत राशि दी जाएगी, जबकि शेष 35 प्रतिशत राशि दूसरे वर्ष में पौधों के उचित रखरखाव के आधार पर प्रदान की जाएगी।
आरक्षण और महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान
सरकार ने इस योजना में सामाजिक समावेश सुनिश्चित करने के लिए आरक्षण का कोटा भी तय किया है। योजना का वितरण निम्नलिखित श्रेणियों के आधार पर होगा:
- सामान्य वर्ग: 78.5 प्रतिशत
- अनुसूचित जाति (SC): 20 प्रतिशत
- अनुसूचित जनजाति (ST): 1.5 प्रतिशत
इसके साथ ही, बागवानी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है, जिससे उन्हें प्राथमिकता मिलेगी।
तकनीकी सहायता और आवेदन की जानकारी
केवल आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि पौधों की सुरक्षा के लिए सरकार तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगी। उद्यान विभाग के माध्यम से किसानों को सिंचाई, कीट प्रबंधन, पौधों की सुरक्षा और सामान्य देखभाल से जुड़ी जरूरी जानकारी और मदद दी जाएगी।
"किसान वर्तमान रबी सीजन के दौरान नींबू और अमरूद लगाकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। सभी इच्छुक किसान जल्द से जल्द ऑनलाइन आवेदन करें।"
— विकास कुमार, सहायक उद्यान अधिकारी
इच्छुक किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से तुरंत पंजीकरण करा सकते हैं।