बिहार में शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए बनेगा शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बड़ी घोषणा

Ghazala Saheb5 September 20263 min read37 viewsBihar
बिहार में शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए बनेगा शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बड़ी घोषणा

बिहार में शिक्षकों के बेहतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास के लिए राज्य में शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में शिक्षक दिवस समारोह-2026 का शुभारंभ करते हुए यह घोषणा की। इस समारोह में राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। - बिहार में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक सात लाख से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। - शिक्षकों को आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से प्रशिक्षित किया जाएगा। - मैट्रिक परीक्षा समाप्त होने के सात दिनों के भीतर परिणाम जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। - विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। - बिहार शिक्षा विभाग और गूगल के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

शिक्षक प्रशिक्षण और एआई का विस्तार

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बदलते समय और तकनीकी जरूरतों के अनुरूप शिक्षकों का कौशल विकास आवश्यक है। शिक्षकों की गुणवत्ता बढ़ाने और उन्हें समय-समय पर आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए अलग विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। सरकार शिक्षकों को आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के माध्यम से प्रशिक्षित करने की दिशा में काम कर रही है। माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और सरवम एआई जैसी तकनीकी संस्थाओं के सहयोग से बिहार में आधुनिक एआई इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। शिक्षकों को एआई की नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल कर सकें। इस दिशा में शिक्षा विभाग और गूगल के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किया गया है। इसके अलावा, बिहार के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर देने के लिए राज्य में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय का सेंटर स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।

परीक्षा व्यवस्था में सुधार

मुख्यमंत्री ने परीक्षा व्यवस्था को आधुनिक और त्वरित बनाने पर जोर दिया। सरकार का लक्ष्य है कि मैट्रिक परीक्षा समाप्त होने के सात दिनों के भीतर परिणाम जारी कर दिया जाए। यदि किसी विद्यार्थी को अपने प्राप्तांक पर आपत्ति होती है, तो उसे 15 दिनों के अंदर निर्धारित स्लॉट में दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों का परिणाम 24 घंटे के भीतर जारी करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उच्च न्यायालय के एक सिटिंग जज की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। परीक्षा परिणाम में देरी से विद्यार्थियों को होने वाली परेशानी को देखते हुए परीक्षा व्यवस्था को विकेंद्रीकृत करने तथा सेंटरवार परिणाम जारी करने पर भी विचार किया जा रहा है।

उच्च शिक्षा और शिक्षक बहाली

बिहार के गौरवशाली शैक्षणिक इतिहास को पुनर्जीवित करने के लिए नालंदा के बाद विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया 15 जुलाई को पूरी कर ली गई है और अगले एक वर्ष में विश्वविद्यालय को धरातल पर उतारने का काम किया जाएगा। राज्य में शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया लगातार जारी है और बीपीएससी के माध्यम से इस बार भी 33 हजार से अधिक शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया चल रही है। शिक्षकों को समय पर वेतन देने के लिए पूरी व्यवस्था को एक इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है। मदरसा और संस्कृत बोर्ड के शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान जारी कर दिया गया है। वित्त रहित शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए अलग से वेतनमान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। समारोह में गोपालगंज की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद और बांका की खुशबू कुमारी को राष्ट्रपति द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किए जाने पर बधाई दी गई।

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