डिजिटल अटेंडेंस में लापरवाही: बिहार के 48,050 शिक्षकों पर गिरी गाज!
बिहार शिक्षा विभाग ने e-Shikshakosh पोर्टल पर हाजिरी न लगाने वाले 48,050 शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है।

बिहार के शिक्षा विभाग ने राज्य के शिक्षकों की कार्यशैली को लेकर एक बेहद सख्त रुख अपनाया है। e-Shikshakosh पोर्टल पर अपनी दैनिक उपस्थिति दर्ज न करने वाले 48,050 शिक्षकों के खिलाफ विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई राज्य स्तर पर जारी पहली उपस्थिति रिपोर्ट के बाद की गई है, जिसमें बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी पाई गई है।
e-Shikshakosh पोर्टल पर हाजिरी न लगाने पर एक्शन
3 नवंबर, 2026 को जारी राज्य स्तरीय उपस्थिति रिपोर्ट के अनुसार, कई जिलों में शिक्षकों द्वारा डिजिटल उपस्थिति दर्ज करने में भारी लापरवाही देखी गई। विभाग ने पाया कि बड़ी संख्या में शिक्षक पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करने में विफल रहे हैं, जो कि विभागीय नियमों का सीधा उल्लंघन है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा लापरवाही
रिपोर्ट के आंकड़ों ने कुछ जिलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति की गंभीर तस्वीर पेश की है:
- भागलपुर: यहाँ के 1,038 शिक्षकों ने डिजिटल उपस्थिति दर्ज नहीं की।
- बांका: बांका जिले में 629 शिक्षकों की लापरवाही सामने आई है।
बांका जिले की स्थिति और भी गंभीर है, जहाँ अधिकारियों ने 62 शिक्षकों की पहचान की है जो लंबे समय से बिना किसी अनुमति के अनुपस्थित चल रहे थे। इन शिक्षकों का डेटा अब स्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया है।
निगरानी के लिए बनाया गया नया सख्त तंत्र
भविष्य में ऐसी लापरवाही को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बेहद कड़ा निगरानी तंत्र स्थापित किया है। अब शिक्षकों की उपस्थिति की जांच के लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया तय की गई है:
- ब्लॉक स्तर पर: प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) और अकाउंटेंट को हर दिन शाम 5:00 बजे तक अनुपस्थित शिक्षकों की सूची जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को सौंपनी होगी।
- जिला स्तर पर: जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को अगले ही दिन इन रिपोर्टों को क्षेत्रीय उप निदेशक (RDDE) के पास भेजना अनिवार्य होगा।
क्षेत्रीय उप निदेशक सुभाष कुमार गुप्ता ने इन दैनिक निरीक्षणों को सख्ती से लागू करने के लिए औपचारिक निर्देश जारी कर दिए हैं।
बिना सूचना गायब रहने वालों के लिए नया नियम
विभाग ने अनुशासन बनाए रखने के लिए एक नया प्रोटोकॉल भी लागू किया है। अब यदि कोई शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार तीन दिनों तक अनुपस्थित रहता है, तो वह सीधे स्कूल जाकर ड्यूटी पर नहीं लौट सकेगा। ऐसे शिक्षकों को वापस काम पर लौटने के लिए जिला शिक्षा कार्यालय से स्पष्ट अनुमति लेनी होगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य डिजिटल उपस्थिति में होने वाली धोखाधड़ी को रोकना और शिक्षकों की पेशेवर जवाबदेही सुनिश्चित करना है।