बिहार के धरहरा प्रखंड के नक्सल प्रभावित इलाका बंग्लवा पंचायत के कोठवा गांव से एक मामला सामने आया है। यहां बीते सोमवार को प्रसाद खाने से कई लोग बीमार पड़ गए, जिसमें कम से कम 6 दर्जन बच्चे भी शामिल है।
 
जानकारी के मुताबिक, बताया जा रहा है कि विषाक्त प्रसाद खाने से 250 लोग बीमार हो गए। कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। गांव में इतने लोगों से लगातार बीमार पड़ने लगे, जिससे ग्रामीणों में भगदड़ मच गई और ग्रामीणों ने एंबुलेंस को बुलाया। मगर सूशासन बाबू के राज्य इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद भी 2 घंटे बाद ही मेडिकल टीम 3 एंबुलेंस के साथ गांव पहुंची। जिससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के कार्यों से ग्रामीण में नाराजगी देखने को मिली।
 
स्वास्थ्य विभाग ने की जांच
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों की जांच के बाद प्रसाद का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा। रिपोर्ट में स्वास्थ्य विभाग इसे फूड प्वायजनिंग का मामला बताया है। ज्यादातर बच्चों और बड़ों का इलाज गांव में शुरू किया गया। जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है, उन्हें इलाज के लिए धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।
 
पूजा के बाद सभी ने खाया था प्रसाद
कोठवा गांव निवासी महेश कोड़ा के घर पर दिन 3 बजे पूजा थी। पूजा बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। पूजा के बाद सभी ने प्रसाद खाया और प्रसाद खाने के बाद अपने-अपने घरों की ओर लौट गए।
 
ठीक डेढ़ घंटे बाद लोगों के पेट में दर्द होने लगा और फिर एक-एक करके सभी को कै-दस्त शुरू हो गई। रात इतनी हो चुकी थी कि धरहरा जाने का कोई साधन नहीं था, ये देख लोगों ने गांव के ही तथाकथित डॉक्टर से इलाज करावाया। रात 8.30 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सक डॉ.एन.के मेहता स्वास्थ्यकर्मियों के साथ 3 एंबुलेंस से गांव पहुंचे।

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