बिहार में कोरोना टीकाकरण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। पहला डोज लेने के बाद जितने भी व्यस्क ने कोरोना टीके का दूसरा डोज नहीं लिया है उन्हें लगातार टीकाकृत करने का कार्य राज्य में चल रहा है। यहां तक कि सरकार की ओर से ‘टीका आपके द्वार’ अभियान के तहत घर-घर जाकर टीकाकरण का कार्य चल रहा है और अब बड़ों के अलावा राज्य में बच्चों को भी टीका लगाने की दिशा में युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है। लेकिन बच्चों का वैक्सीनेशन बड़ों से बिल्कुल अलग होगा

डिवाइस का होगा इस्तेमाल

बिहार में बच्चों को कोविड टीका लगाने का कार्य के लिए अब तक जो प्लान बनाया गया है उसके तहत बच्चों को नीडल की जगह डिवाइस से वैक्सीनेट किया जाएगा। इस डिवाइस में एक छोटा सा प्वाइंट है जो डिस्पोजेबल है। बस इस पॉइंट को बच्चों के बाजू के स्किन में टच कराकर पुश कर दिया जाएगा। इस सिस्टम से 0.1 ML वैक्सीन बच्चों के बाजू की स्किन की उपरी सतह में लग जाएगी। इसके लिए सभी 38 जिलों के प्रतिरक्षण पदाधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से ट्रेनिंग भी दी जा रही है।

स्कूल तैयार करेंगे डेटा

बिहार में बच्चों को कोरोना का टीका लगाने के लिए स्कूलों में भी तैयारियां चल रही हैं। कोरोना के कारण बच्चों की पढ़ाई में काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में स्कूलों को कहा गया है कि बच्चों का पूरा डेटा उनकी उम्र के साथ तैयार किया जाए।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *