कर्नाटक-हिमाचल में महिला मंत्री नहीं, भाजपा ने कांग्रेस को घेरा

भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसे 'नारी शक्ति विरोधी' मानसिकता वाली पार्टी करार दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केशवन ने आरोप लगाया कि कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश की मंत्रिमंडली में महिलाओं को प्रतिनिधित्व न देना कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के महिलाओं के प्रति भेदभावपूर्ण रवैये को दर्शाता है।
महिला प्रतिनिधित्व पर बड़ा विवाद
सीआर केशवन ने कर्नाटक प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सौम्या रेड्डी के इस्तीफे से जुड़ी खबर का हवाला देते हुए कहा कि कर्नाटक कैबिनेट में महिलाओं को प्रतिनिधित्व न देना कांग्रेस की संकीर्ण और भेदभावपूर्ण मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ राहुल गांधी 'पितृसत्ता को तोड़ने' की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेतृत्व महिलाओं के सम्मान को कम कर रहा है।
राहुल गांधी के व्यवहार पर उठाए सवाल
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी के आचरण पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला पुलिसकर्मियों और महिला पत्रकारों के साथ राहुल गांधी का व्यवहार यह दर्शाता है कि कांग्रेस के पास महिलाओं के लिए न तो सम्मान है और न ही उनकी गरिमा की परवाह।
ऐतिहासिक और धार्मिक मुद्दों का उल्लेख
केशवन ने कांग्रेस के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की आलोचना करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए:
- कांग्रेस ने लगभग 60 वर्षों तक केंद्र में सत्ता में रहने के बावजूद महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने की कोशिश नहीं की।
- शाह बानो मामले में निर्णय को पलटकर महिलाओं को सशक्त बनाने के बजाय उन्हें अन्याय का शिकार बनाया गया।
- बिहार में छठी मैया का अपमान और प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत माता जी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी जैसे मुद्दों पर कांग्रेस का रुख निराशाजनक रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने अंत में कहा कि कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट में महिलाओं का प्रतिनिधित्व न होना कांग्रेस की 'नारी शक्ति विरोधी' मानसिकता का स्पष्ट प्रमाण है।