भाजपा का बड़ा मिशन: 22 अक्टूबर से बिहार में 'लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ' अभियान

Ghazala Saheb21 October 20262 min read0 viewsBihar
भाजपा का बड़ा मिशन: 22 अक्टूबर से बिहार में 'लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ' अभियान

बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज होने वाली है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगामी 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पूरे प्रदेश में एक व्यापक अभियान चलाने जा रही है। इस 15 दिवसीय अभियान का नाम 'लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ' रखा गया है। इस भाजपा का लोकतंत्र बचाओ अभियान के जरिए पार्टी लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती, मतदाता सूची की शुद्धता और राजनीतिक जवाबदेही जैसे गंभीर मुद्दों को जनता के बीच ले जाएगी।

बुधवार को पटना स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में इस अभियान की सफलता को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और प्रदेश संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया ने पदाधिकारियों को अभियान की रूपरेखा समझाई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अभियान का मुख्य एजेंडा और विपक्ष पर निशाना

भाजपा इस अभियान के माध्यम से न केवल अपने मुद्दों को रखेगी, बल्कि विपक्षी दलों की नीतियों पर भी कड़े सवाल उठाएगी। पार्टी का कहना है कि विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस और सीजेपी (CJP), लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति सही दृष्टिकोण नहीं रखते हैं। भाजपा का आरोप है कि विपक्षी दल मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।

इस अभियान के तहत निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा:

  • मतदाता सूची की शुद्धता: मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
  • मताधिकार की रक्षा: नागरिकों के वोट देने के अधिकार को सुरक्षित करना।
  • राजनीतिक जवाबदेही: नेताओं और दलों की जिम्मेदारी तय करना।
  • संवैधानिक मूल्य: राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और महिला अधिकारों की रक्षा।

कैसे जन-जन तक पहुंचेगी भाजपा?

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा ने जमीनी स्तर पर कार्यक्रमों की एक लंबी सूची तैयार की है। पार्टी केवल रैलियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संवाद के विभिन्न माध्यमों का उपयोग करेगी।

अभियान के दौरान आयोजित होने वाली प्रमुख गतिविधियां इस प्रकार हैं:

  1. जनसंवाद: प्रेस वार्ता, युवा संवाद, विद्यार्थी संवाद और प्रबुद्ध जनों के साथ विशेष बैठकें।
  2. पदयात्रा और रैलियां: 'लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ' के नारों के साथ रैलियां और पदयात्राएं।
  3. बौद्धिक विमर्श: राष्ट्र चिंतन संवाद और साहित्य व पत्रिकाओं का वितरण।
  4. डिजिटल आउटरीच: सोशल मीडिया के माध्यम से जनसंपर्क और 'घुसपैठिया हटाओ लोकतंत्र बचाओ' जैसे विषयों पर इन्फ्लुएंसर आउटरीच।

संगठन की तैयारी और जिला स्तर पर समन्वय

प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए रणनीति तैयार करते हुए जिला अध्यक्षों और जिला स्तरीय टीमों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी संवाद किया। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान का असर प्रदेश के हर जिले में स्पष्ट दिखना चाहिए।

बैठक में प्रदेश महामंत्री धनराज शर्मा, महामंत्री सरोज रंजन पटेल, उपाध्यक्ष शीला कुशवाहा, पवन जायसवाल, विधायक संजय गुप्ता, एमएलसी अनामिका सिंह पटेल, प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल और सुरेश रूंगटा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने अभियान को सफल बनाने के लिए अपनी-अपनी संगठनात्मक जिम्मेदारियों पर चर्चा की।

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